Village in darkness, poles on the ground; questions raised about the working style of the electricity department
तेज आंधी में धराशायी हुए बिजली के पोल, शिकायतों के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई; जगेपूर समेत कई गांवों के ग्रामीणों में आक्रोश
संवाददाता:- आलोपी शंकर
Meja Prayagraj:- मेजा, प्रयागराज। क्षेत्र में देर रात आई तेज आंधी और बारिश के बाद बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। सबसे गंभीर स्थिति ग्राम जगेपूर में देखने को मिली, जहां आंधी के दौरान बिजली का पोल गिर गया, लेकिन घंटों बीत जाने के बाद भी बिजली विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग को सूचना देने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचे, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
ग्रामीणों के अनुसार जगेपूर में गिरा बिजली का पोल अब भी सड़क किनारे और बिजली लाइनों के बीच खतरा बना हुआ है। किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है, लेकिन विभागीय अधिकारियों की उदासीनता के चलते समस्या जस की तस बनी हुई है।

केवल जगेपूर ही नहीं, बल्कि आसपास के कई गांवों में भी आंधी का असर देखने को मिला। कई स्थानों पर बिजली के तार टूट गए, पोल क्षतिग्रस्त हो गए और पेड़ बिजली लाइनों पर गिर पड़े। इसके कारण जगेपूर, सिरसा, कोहड़ार, पकरी, ऊंचडीह तथा आसपास के अन्य गांवों में बिजली आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई। कई गांवों के लोगों ने पूरी रात अंधेरे में गुजारी और पेयजल सहित दैनिक कार्यों में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
ग्रामीणों का कहना है कि हर बार मौसम खराब होने पर बिजली व्यवस्था ध्वस्त हो जाती है, लेकिन विभाग स्थायी समाधान की दिशा में कोई कदम नहीं उठाता। आंधी के बाद तत्काल मरम्मत कार्य शुरू होना चाहिए था, लेकिन कई स्थानों पर कर्मचारी नजर तक नहीं आए।
क्षेत्रीय लोगों ने बिजली विभाग के उच्च अधिकारियों से तत्काल गिरे हुए पोलों को बदलने, टूटे तारों की मरम्मत कराने और बाधित विद्युत आपूर्ति बहाल करने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
आंधी के बाद बिजली विभाग की कार्यशैली को लेकर उठ रहे सवालों के बीच अब लोगों की नजर इस बात पर टिकी है कि आखिर कब तक विभाग लापरवाही छोड़कर प्रभावित गांवों को राहत पहुंचाने का काम करता है।
