When the soil took a pledge, greenery wrote a new chapter… Prayagraj echoed with ‘One tree in the name of mother’
शहीद चंद्रशेखर आजाद पार्क से उठी हरित क्रांति की पुकार, जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने रोपा भविष्य का विश्वास
संवाददाता:- बालेन्द्र कुमार
सादिका पवित्र प्रयागराज।:- रविवार की सुबह ऐतिहासिक शहीद चंद्रशेखर आजाद पार्क में केवल पौधरोपण का कार्यक्रम नहीं था, बल्कि प्रकृति, मातृत्व और भविष्य के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी का एक ऐसा भावपूर्ण दृश्य था, जिसने हर मौजूद व्यक्ति को सोचने पर मजबूर कर दिया।
शहीदों की वीरगाथाओं का साक्षी यह ऐतिहासिक पार्क उस समय हरियाली के नए संकल्प का केंद्र बन गया, जब “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के अंतर्गत जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने अपने हाथों से पौधा रोपकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
मिट्टी में रखा गया वह नन्हा पौधा मानो आने वाले कल की हरियाली, स्वच्छ हवा और सुरक्षित जीवन का बीज बन गया। वातावरण में गूंज रहे पर्यावरण संरक्षण के संदेश और उपस्थित लोगों के उत्साह ने इस अभियान को एक साधारण सरकारी कार्यक्रम से आगे बढ़ाकर जनभागीदारी का जीवंत उत्सव बना दिया।

ऐसा प्रतीत हो रहा था कि हर पौधा अपनी जड़ों के साथ यह संकल्प भी धरती में रोप रहा है कि आने वाली पीढ़ियों को हरा-भरा, स्वच्छ और संतुलित पर्यावरण सौंपना ही आज की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। इस अवसर पर जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने कहा कि वृक्ष केवल प्रकृति की सुंदरता नहीं बढ़ाते, बल्कि मानव जीवन की सबसे बड़ी जीवनरेखा हैं।
बढ़ता प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और लगातार घटते हरित क्षेत्र पूरी दुनिया के सामने गंभीर चुनौती हैं। ऐसे समय में “एक पेड़ माँ के नाम” जैसा अभियान केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हर व्यक्ति को अपनी माँ, अपनी मिट्टी और अपने भविष्य के प्रति कर्तव्य का एहसास कराता है। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि प्रत्येक नागरिक कम से कम एक पौधा अवश्य लगाए और उसे वृक्ष बनने तक संरक्षित करने का संकल्प भी निभाए।
कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों, कर्मचारियों और नागरिकों ने भी पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण की इस मुहिम को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। ऐतिहासिक शहीद चंद्रशेखर आजाद पार्क से उठा यह हरित संदेश पूरे प्रयागराज के लिए प्रेरणा बन गया। यह अभियान बता गया कि विकास की असली पहचान केवल ऊंची इमारतों और चौड़ी सड़कों से नहीं, बल्कि उन वृक्षों से होती है जो आने वाली पीढ़ियों को शुद्ध हवा, ठंडी छांव, स्वच्छ वातावरण और जीवन का आधार प्रदान करते हैं।
जब प्रशासन स्वयं मिट्टी से जुड़कर समाज को दिशा देता है, तब अभियान केवल सरकारी योजना नहीं रहता, बल्कि जनआंदोलन बन जाता है।
शहीद चंद्रशेखर आजाद पार्क में रोपा गया यह पौधा आने वाले वर्षों में केवल एक वृक्ष नहीं होगा, बल्कि उस संकल्प का जीवंत प्रतीक बनेगा कि प्रकृति की रक्षा ही मानवता की सबसे बड़ी सेवा है।
