A resolution in the name of mother was put into the soil, a new chapter of greenery started from Lalapur police station.
थाना प्रभारी अनुभव सिंह ने थामा परिश्रम की पहचान फावड़ा, तो पर्यावरण संरक्षण का संदेश बन गया जनआंदोलन का आह्वान
संवाददाता:- बालेन्द्र कुमार
सादिका पवित्र लालापुर, प्रयागराज। :- रविवार की सुबह लालापुर थाना परिसर में केवल एक पौधा नहीं रोपा गया, बल्कि मिट्टी की गोद में भविष्य की हरियाली, माँ के सम्मान और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का एक ऐसा संकल्प बोया गया, जिसकी गूंज दूर तक सुनाई देने वाली है।
यमुनानगर क्षेत्र की बारा तहसील अंतर्गत लालापुर थाना परिसर में “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत थाना प्रभारी अनुभव सिंह ने अपने हाथों से पौधरोपण कर यह संदेश दिया कि प्रकृति की रक्षा केवल सरकारी अभियान नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति का नैतिक कर्तव्य है। जैसे ही पौधा मिट्टी में स्थापित हुआ, पूरा वातावरण हरियाली और पर्यावरण संरक्षण के संदेश से भर उठा। उपस्थित पुलिसकर्मियों और लोगों ने भी इस प्रेरणादायी पहल में सहभागिता निभाते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाने और उन्हें वृक्ष बनने तक सुरक्षित रखने का संकल्प लिया।

इस अवसर पर थाना प्रभारी अनुभव सिंह ने कहा कि एक पेड़ केवल छाया या ऑक्सीजन का स्रोत नहीं होता, बल्कि वह आने वाली पीढ़ियों के जीवन का सुरक्षा कवच है।
यदि आज धरती को हराभरा नहीं बनाया गया तो आने वाला समय पर्यावरणीय संकट को और गंभीर बना सकता है, उन्होंने कहा कि “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान हर व्यक्ति को अपनी जन्मदात्री के सम्मान के साथ-साथ धरती माँ के प्रति अपने कर्तव्य का भी एहसास कराता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि पौधरोपण को एक दिन का कार्यक्रम न बनाकर जीवन का संस्कार बनाएं, क्योंकि लगाया गया प्रत्येक पौधा भविष्य में किसी परिवार की सांसों का सहारा बनेगा।
लालापुर थाना परिसर से उठी यह हरित पहल केवल पौधरोपण तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह संदेश देकर गई कि जब समाज और प्रशासन मिलकर प्रकृति की रक्षा का संकल्प लेते हैं, तब हर लगाया गया पौधा आने वाले कल की खुशहाली, स्वच्छ पर्यावरण और सुरक्षित भविष्य की मजबूत नींव बन जाता है।
“एक पेड़ माँ के नाम” अभियान ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि हरियाली की ओर बढ़ाया गया छोटा-सा कदम भी आने वाली पीढ़ियों के लिए सबसे बड़ी विरासत बन सकता है।
