Shankaracharya’s big allegation against the administration in Kannauj, announcement of night halt at Pal Square
गो रक्षा धर्मयुद्ध यात्रा के दौरान ठहरने की व्यवस्था रद्द होने पर भड़के शंकराचार्य, बोले— प्रशासनिक दबाव में लिया गया फैसला
संवाददाता : ज्ञानेन्द्र दुबे
(उ.प्र.) कन्नौज | :- गोवंश संरक्षण और सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार को लेकर निकाली जा रही “गविष्टि गो रक्षा धर्मयुद्ध यात्रा” के साथ कन्नौज पहुंचे जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है। यात्रा के दौरान उनके रात्रि विश्राम की पूर्व निर्धारित व्यवस्था अंतिम समय में रद्द होने के बाद शंकराचार्य ने इसे प्रशासनिक दबाव का परिणाम बताते हुए नाराजगी जाहिर की।
जानकारी के अनुसार, कन्नौज के एक श्रद्धालु द्वारा शंकराचार्य को रात्रि विश्राम के लिए आमंत्रित किया गया था और आवश्यक तैयारियां भी की जा चुकी थीं। लेकिन कार्यक्रम से ठीक पहले संबंधित व्यक्ति ने उन्हें ठहराने में असमर्थता जताई। इस घटनाक्रम के बाद शंकराचार्य ने सार्वजनिक रूप से कहा कि यह निर्णय किसी व्यक्तिगत कारण से नहीं बल्कि प्रशासनिक दबाव के चलते लिया गया प्रतीत होता है।

“सनातन और गो रक्षा की आवाज को दबाने का प्रयास”
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि गो रक्षा और सनातन धर्म से जुड़े मुद्दों को उठाने वालों को विभिन्न प्रकार के दबावों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यदि किसी श्रद्धालु ने अपनी इच्छा से आमंत्रण दिया था तो अंतिम समय में उसका पीछे हटना कई सवाल खड़े करता है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक को अपनी धार्मिक आस्था और विचारों के अनुसार कार्य करने की स्वतंत्रता होनी चाहिए तथा किसी भी प्रकार का दबाव उचित नहीं माना जा सकता।
मुख्यमंत्री योगी पर भी साधा निशाना
मीडिया से बातचीत के दौरान शंकराचार्य ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की बुलडोजर नीति पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बुलडोजर कार्रवाई को लेकर निष्पक्षता को लेकर सवाल उठते रहे हैं। उनका आरोप था कि कार्रवाई चुनिंदा लोगों तक सीमित दिखाई देती है, जबकि समाज में अपराध और अराजकता फैलाने वाले तत्वों में कानून का अपेक्षित भय दिखाई नहीं देता।
उन्होंने कहा कि शासन-प्रशासन का उद्देश्य कानून का समान रूप से पालन कराना होना चाहिए, जिससे आम जनता का विश्वास लोकतांत्रिक व्यवस्था में बना रहे।
पाल चौराहे पर ही रात्रि विश्राम का ऐलान
रात्रि विश्राम की व्यवस्था निरस्त होने से नाराज शंकराचार्य ने कन्नौज सदर क्षेत्र के पाल चौराहे पर ही रात्रि विश्राम करने का ऐलान कर दिया। उनके इस निर्णय के बाद बड़ी संख्या में समर्थक, श्रद्धालु और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचने लगे। देर शाम तक क्षेत्र में धार्मिक और सामाजिक गतिविधियां तेज रहीं।
शंकराचार्य के इस कदम के बाद प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क नजर आया और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक इंतजाम किए गए।
राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज
शंकराचार्य के आरोपों और उनके द्वारा सार्वजनिक स्थल पर रात्रि विश्राम के ऐलान के बाद कन्नौज सहित पूरे प्रदेश में इस मुद्दे की चर्चा शुरू हो गई है। राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और धार्मिक समूहों की निगाहें अब इस पूरे घटनाक्रम पर टिकी हुई हैं।
गो रक्षा धर्मयुद्ध यात्रा के दौरान सामने आए इस विवाद ने एक बार फिर प्रशासनिक हस्तक्षेप, धार्मिक स्वतंत्रता और कानून व्यवस्था जैसे मुद्दों को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
