Natural disaster: Storm wreaks havoc from Sangam to Meja
संगम क्षेत्र में डूबी नावें, शहर में गिरे पेड़, मेजा-कोरांव में तबाही का मंजर; जलजमाव, हादसों और किसान की मौत से दहला जनजीवन
संवाददाता – अलोपी शंकर शर्मा
Wether Prayagraj:- प्रयागराज। बृहस्पतिवार की देर रात मौसम ने अचानक ऐसा रौद्र रूप धारण किया कि संगम नगरी से लेकर मेजा और कोरांव क्षेत्र तक तबाही का मंजर दिखाई देने लगा। तेज आंधी, गरज-चमक और मूसलाधार बारिश ने जहां भीषण गर्मी और उमस से राहत दी, वहीं दूसरी ओर शहर और ग्रामीण इलाकों में भारी नुकसान भी पहुंचाया। संगम क्षेत्र में नावें डूब गईं, अस्थायी दुकानें उजड़ गईं, कई जगह विशाल पेड़ धराशायी हो गए और जलभराव ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। मेजा और आसपास के ग्रामीण इलाकों में भी तेज हवाओं और बारिश ने लोगों की परेशानियां बढ़ा दीं।

संगम तट पर रातभर चली तेज हवाओं ने नाविकों की रोजी-रोटी पर चोट पहुंचाई। कई नावें पानी में समा गईं, जबकि घाट किनारे लगी अस्थायी दुकानें और टेंट बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। शुक्रवार सुबह नाविक अपनी डूबी नावों को निकालने, सुखाने और मरम्मत करने में जुटे दिखाई दिए। सुरक्षा जैकेट और अन्य जरूरी सामान भी बारिश में खराब हो गए। घाटों पर फैली कीचड़ और पानी के कारण श्रद्धालुओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
शहर के भीतर भी आंधी का असर भयावह रूप में दिखाई दिया। हिंदू हॉस्टल चौराहे के पास लगाया गया विशाल ग्रीन शेड तेज हवाओं के कारण टूटकर सड़क पर गिर पड़ा। विश्वविद्यालय चौराहे के समीप नगर निगम कार्यालय के सामने विशालकाय पेड़ जड़ से उखड़कर सड़क पर आ गिरा, जिससे घंटों यातायात बाधित रहा। गनीमत रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ।
बारिश ने एक बार फिर नगर निगम की तैयारियों की पोल खोल दी। बांध रोड, हिंदू हॉस्टल चौराहा, मेडिकल चौराहा, ओमप्रकाश सभासद मार्ग, धुस्सा स्थित लालबाग कॉलोनी, बैहरना पावर हाउस और केंद्रीय रेल विद्युतीकरण संगठन (कोर) मुख्यालय के सामने भारी जलभराव हो गया। परेड क्षेत्र का ओपन एयर जिम पूरी तरह पानी में डूब गया। कई इलाकों में सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं और कीचड़ से लोगों का पैदल चलना भी मुश्किल हो गया।
अलोपीबाग फ्लाईओवर के पास सड़क पर फिसलन बढ़ने से एक स्कूटी सवार अनियंत्रित होकर गिर पड़ा और घायल हो गया। लोगों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि हर बारिश के बाद शहर की यही तस्वीर सामने आती है, लेकिन स्थायी समाधान आज तक नहीं हो पाया।
मेजा क्षेत्र में भी आंधी और बारिश का व्यापक असर देखने को मिला। तेज हवाओं के चलते कई गांवों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। जगह-जगह पेड़ों की डालियां टूटकर सड़कों पर गिर गईं, जिससे आवागमन प्रभावित रहा। खेतों में पानी भरने से किसानों की चिंता बढ़ गई। ग्रामीण इलाकों में कच्चे मकानों और झोपड़ियों को भी नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आईं। रातभर चली तेज हवाओं और बिजली की गड़गड़ाहट से लोग सहमे रहे।
इधर, कोरांव बाजार में आंधी-बारिश के बीच दर्दनाक हादसे में एक किसान की जान चली गई। जानकारी के अनुसार सुभाष नगर अंबेडकर नगर मोहल्ला निवासी विजय कुमार (54) पुत्र बिहारी सिंह झोपड़ी बनाकर रहते थे। शुक्रवार भोर में तेज आंधी और बारिश के दौरान पास के मकान की दूसरी मंजिल की दीवार भरभराकर उनकी झोपड़ी पर गिर गई। मलबे में दबने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद परिवार में कोहराम मच गया।
घटना की सूचना मिलते ही नगर पंचायत अध्यक्ष ओम प्रकाश केसरी और पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष नरसिंह कुमार केसरी उर्फ गोपाल जी मौके पर पहुंचे और परिजनों को ढांढस बंधाया। लेखपाल ने घटनास्थल का निरीक्षण कर रिपोर्ट तहसील प्रशासन को सौंपने की बात कही है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
सुबह होते ही नगर निगम और प्रशासन की टीमों ने गिरे पेड़ों को हटाने और यातायात बहाल करने का काम शुरू किया, लेकिन कई इलाकों में जलनिकासी की व्यवस्था पूरी तरह ठप रही। दोपहर तक लोग जलभराव, कीचड़ और बिजली कटौती से जूझते नजर आए।
आंधी-तूफान और बारिश ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक आपदा प्रबंधन और जलनिकासी व्यवस्था अभी भी बेहद कमजोर है। लोगों ने प्रशासन से स्थायी समाधान और बेहतर व्यवस्थाओं की मांग की है, ताकि हर बारिश के बाद जनजीवन इस तरह प्रभावित न हो।
