Violence erupts in the UP Bar Council elections: A female candidate attempted self-immolation at a police station, but was rescued by police as she lit a match.
मारपीट और अभद्रता से आहत वकील श्रद्धा शुक्ला का आरोप— चुनाव प्रचार के दौरान पीटा गया, सोने की चेन छीनी गई; एफआईआर न होने पर उठाया खौफनाक कदम
ब्यूरो रिपोर्ट
Crimenews Prayagraj प्रयागराज में यूपी बार काउंसिल चुनाव के दौरान कानून और लोकतांत्रिक मर्यादा उस समय कटघरे में खड़ी नजर आई, जब एक महिला अधिवक्ता प्रत्याशी ने सिविल लाइंस थाने के भीतर आत्मदाह करने का प्रयास किया। यह सनसनीखेज घटना चुनाव प्रचार के दौरान हुई मारपीट और कथित अभद्रता से आहत महिला वकील के आक्रोश और हताशा का परिणाम बताई जा रही है।
बार काउंसिल सदस्य पद की उम्मीदवार श्रद्धा शुक्ला का कहना है कि जब तक उनके साथ मारपीट करने वाले आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं किया जाता, वह थाने से नहीं हटेंगी। इसी दौरान वह माचिस और ज्वलनशील पदार्थ लेकर थाने के अंदर धरने पर बैठ गईं। काफी देर तक कोई सुनवाई नहीं होने पर उन्होंने माचिस जलाकर खुद को आग लगाने की कोशिश की, लेकिन मौके पर मौजूद महिला पुलिसकर्मी ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें रोक लिया। पूरी घटना का वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
क्या है पूरा मामला?
श्रद्धा शुक्ला ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि
2 फरवरी 2026 की शाम वह यूपी बार काउंसिल चुनाव के प्रचार में जुटी थीं। इसी दौरान
तिलकर नगर निवासी हर्षित मिश्रा, कार्तिक मिश्रा और उनके साथ आए करीब 30 से 40 लोगों ने उन्हें घेर लिया।
आरोप है कि:-
उनके साथ सरेआम मारपीट की गई,
गले से सोने की चेन छीन ली गई,
उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई,
उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया।
श्रद्धा शुक्ला का कहना है कि इस पूरी घटना का वीडियो साक्ष्य के रूप में मौजूद है, जिससे उनके आरोपों की पुष्टि होती है। उन्होंने पुलिस से अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा की भी मांग की है।
मारपीट का वीडियो बना अहम सबूत-
सोमवार शाम को मतदान स्थल के बाहर वकीलों के दो गुटों के बीच हुई मारपीट का वीडियो सामने आया है। वीडियो में धक्का-मुक्की, गाली-गलौज और लात-घूंसे साफ दिखाई दे रहे हैं। यह वीडियो श्रद्धा शुक्ला द्वारा लगाए गए आरोपों को बल देता नजर आ रहा है।

पुलिस का पक्ष सिविल लाइंस इंस्पेक्टर राम आसरे ने बताया—
“महिला वकील और दूसरे पक्ष के अधिवक्ताओं की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामला अधिवक्ताओं के बीच आपसी विवाद से जुड़ा है। जांच के बाद विधिक कार्रवाई की जाएगी।”
मंगलवार दोपहर तक दोनों पक्षों की ओर से एफआईआर दर्ज कर ली गई है।
यूपी बार काउंसिल चुनाव का परिदृश्य
यूपी बार काउंसिल चुनाव में इस बार:
333 प्रत्याशी मैदान में हैं,
प्रदेशभर में 2 लाख 49 हजार अधिवक्ता मतदाता हैं,
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर पहली बार प्रयागराज में करीब 33 हजार अधिवक्ताओं को चार दिनों में मतदान का अवसर दिया गया है।
लेकिन मतदान के बीच हुई यह घटना चुनावी माहौल को हिंसक और तनावपूर्ण बना गई है।
जिस चुनाव का उद्देश्य अधिवक्ताओं का प्रतिनिधित्व तय करना था, उसी प्रक्रिया में हिंसा, धमकी और आत्मदाह की कोशिश जैसी घटनाएं सामने आना न्याय व्यवस्था के लिए गंभीर चेतावनी है।
महिला प्रत्याशी द्वारा उठाया गया यह कदम न केवल प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि वह खुद को कितना असुरक्षित और असहाय महसूस कर रही थीं।
अब निगाहें इस पर टिकी हैं कि पुलिस की जांच केवल औपचारिकता बनकर रह जाती है या वास्तव में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होती है।
