माघ मेले में लगातार दूसरे दिन भीषण अग्निकांड सेक्टर-5 के नारायण शुक्ला धाम और सेक्टर-4 के ब्रह्माश्रम शिविर में लगी आग, 5 किमी दूर तक दिखीं लपटें; कल्पवासी सुरक्षित, एक झुलसा
ब्यूरो रिपोर्ट
Magh Mela Prayagraj 2026 – प्रयागराज में चल रहे माघ मेले के दौरान आग की घटनाओं ने प्रशासन और श्रद्धालुओं दोनों की चिंता बढ़ा दी है। बीते 24 घंटे के भीतर मेला क्षेत्र में आग लगने की दो बड़ी घटनाएं सामने आई हैं। मंगलवार शाम सेक्टर-5 स्थित नारायण शुक्ला धाम शिविर में भीषण आग लग गई, जबकि बुधवार को सेक्टर-4 के ब्रह्माश्रम शिविर में आग भड़क उठी। दोनों ही घटनाओं में लाखों श्रद्धालुओं की मौजूदगी के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
मंगलवार शाम अचानक नारायण शुक्ला धाम शिविर से धुआं उठता दिखाई दिया, जिसने कुछ ही पलों में विकराल रूप ले लिया। आग इतनी भीषण थी कि उसकी लपटें और धुआं करीब 5 किलोमीटर दूर से साफ नजर आ रहा था। शिविर में मौजूद करीब 50 से अधिक कल्पवासी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। धुएं से दम घुटने की स्थिति बन गई। इस हादसे में 15 टेंट और आसपास की 20 दुकानें पूरी तरह जलकर राख हो गईं, जबकि एक कल्पवासी के झुलसने की सूचना है।

सूचना मिलते ही पुलिस और संतों ने मोर्चा संभाला और बचाव कार्य शुरू किया। फायर ब्रिगेड की 5 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। आग रुक-रुककर भड़क रही थी, जिससे दमकलकर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। करीब डेढ़ घंटे की कड़ी मेहनत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया गया है। यह शिविर लल्लू एंड संस और लल्लू ब्रदर्स द्वारा लगाया गया था, जो एक ही परिवार की कंपनियां हैं।
घटना की गंभीरता को देखते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ के करीबी संत सतुआ बाबा भी मौके पर पहुंचे और अधिकारियों से पूरी जानकारी ली। राहत की बात यह रही कि समय रहते सभी कल्पवासियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
इसी बीच, बुधवार को माघ मेला क्षेत्र में एक और अग्निकांड हो गया। सेक्टर-4 स्थित संगम लोअर मार्ग के पास ब्रह्माश्रम शिविर में शाम के समय आग लग गई। इस घटना में दो टेंट पूरी तरह जलकर राख हो गए। आग की लपटें यहां भी कई किलोमीटर दूर से दिखाई दीं, जिससे पूरे मेला क्षेत्र में हड़कंप मच गया।
सूचना पर फायर ब्रिगेड की 8 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने में जुट गईं। अग्निशमन अधिकारी अनिमेष सिंह के अनुसार, प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह जलता हुआ दीया सामने आई है। फूस और कपड़े से बने टेंट होने के कारण आग तेजी से फैल गई। हालांकि इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। एहतियातन पूरे इलाके को सील कर दिया गया।
लगातार हो रही आग की घटनाओं ने माघ मेले की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन अब शिविरों में बिजली, दीये और अग्नि सुरक्षा इंतजामों की दोबारा जांच कराने की तैयारी में जुट गया है, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे को रोका जा
