For the first time, high-security system will be implemented in MP, paper leaks and cheating will be completely curbed.
अब स्कूल परीक्षा भी ‘बोर्ड परीक्षा’ जैसी सख्त: 9वीं-11वीं के प्रश्नपत्र थानों में रखे जाएंगे, परीक्षा से 60 मिनट पहले खुलेगा बंडल
ब्यूरो रिपोर्ट
MP Board Exam भोपाल।:- मध्य प्रदेश में इस वर्ष कक्षा 9वीं और 11वीं की परीक्षाएं अब सामान्य स्कूल परीक्षा नहीं, बल्कि पूरी तरह बोर्ड पैटर्न और बोर्ड स्तर की सुरक्षा व्यवस्था के तहत कराई जाएंगी। परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने के लिए सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए प्रश्नपत्रों को स्कूलों के बजाय पुलिस थानों में सुरक्षित रखने का निर्देश दिया है।
परीक्षा के दिन केंद्राध्यक्ष की मौजूदगी में प्रश्नपत्र थाने से निकाले जाएंगे और परीक्षा प्रारंभ होने से ठीक 60 मिनट पहले ही प्रश्नपत्रों का बंडल खोला जाएगा। इस नई व्यवस्था से पेपर लीक, समय से पहले खुलने और नकल जैसी आशंकाओं पर प्रभावी रोक लगेगी।
अब तक प्रश्नपत्र स्कूलों में रखे जाते थे, जिससे उनकी सुरक्षा को लेकर सवाल उठते रहे हैं। नई व्यवस्था के तहत प्रश्नपत्रों की जिम्मेदारी सीधे प्रशासन और पुलिस के नियंत्रण में रहेगी, जिससे परीक्षा प्रक्रिया अधिक विश्वसनीय बनेगी।
राज्य मुक्त स्कूल शिक्षा परिषद बनाएगी प्रश्नपत्र-
कक्षा 9वीं और 11वीं की परीक्षाओं के प्रश्नपत्र मध्य प्रदेश राज्य मुक्त स्कूल शिक्षा परिषद द्वारा तैयार किए जाएंगे।
प्रश्नपत्रों का वितरण जिला शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से किया जाएगा और केंद्राध्यक्षों की निगरानी में उन्हें परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाया जाएगा। पूरी प्रक्रिया में सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन किया जाएगा।
परीक्षा तिथियां तय-
कक्षा 11वीं:
➡️ 23 फरवरी 2026 से 17 मार्च 2026 तक
कक्षा 9वीं:
➡️ 2 मार्च 2026 से 17 मार्च 2026 तक
दोनों कक्षाओं की परीक्षाएं एक ही पाली में होंगी—
🕜 दोपहर 1:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक
बोर्ड पैटर्न पर मूल्यांकन-
परीक्षाओं के बाद सभी उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन 23 मार्च 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा।
मूल्यांकन प्रक्रिया माध्यमिक शिक्षा मंडल की अंक योजना के अनुसार होगी, जिससे छात्रों को समान और निष्पक्ष मूल्यांकन मिल सके।
शिक्षा विभाग का लक्ष्य-
शिक्षा विभाग के अनुसार इस व्यवस्था का उद्देश्य—
परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष बनाना
पेपर लीक और नकल पर कठोर नियंत्रण
छात्रों को बोर्ड परीक्षा के स्तर की तैयारी कराना
स्कूल शिक्षा व्यवस्था में अनुशासन और गुणवत्ता बढ़ाना
मध्य प्रदेश में पहली बार 9वीं-11वीं की परीक्षाएं इतनी कड़ी निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था में आयोजित होंगी। अब स्कूल परीक्षाएं भी बोर्ड परीक्षा जैसी गंभीरता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता के साथ संपन्न होंगी। यह कदम शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में एक बड़ा और निर्णायक प्रयास माना जा रहा है।
