Meja-Handia pontoon bridge incomplete: Crossing the Ganga has become deadly, a risky journey by boat
मेजा–हंडिया पांटून पुल अधूरा: गंगा पार करना बना जानलेवा, नावों से जोखिम भरा सफर दिसंबर में खुलना था पुल, अब तक अधूरा; क्षमता से अधिक सवारियां ढो रहे नाविक, कार्रवाई के निर्देश
संवाददाता आलोपी शंकर शर्मा
Sirsa Prayagraj सिरसा मेजा :- प्रयागराज जिले के मेजा और हंडिया तहसीलों को जोड़ने वाले सिरसा गंगा घाट पर प्रस्तावित पांटून पुल का निर्माण अधूरा होने से आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पुल शुरू न होने के कारण राहगीरों को जान जोखिम में डालकर गंगा नदी नावों के सहारे पार करनी पड़ रही है। हालात इतने गंभीर हैं कि नावों में क्षमता से कहीं अधिक यात्रियों और वाहनों को बैठाकर आवागमन कराया जा रहा है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है।
Meja-Handia pontoon bridge incomplete – शासनादेश के अनुसार सिरसा और मादरा तेला गंगा घाट पर पांटून पुल का निर्माण दिसंबर माह में पूरा कर आवागमन के लिए खोल दिया जाना था, लेकिन अधिकारियों की कथित उदासीनता के चलते निर्माण कार्य अभी तक अधूरा पड़ा है। पुल न बनने से लोगों को मात्र 7 किलोमीटर की दूरी तय करने के बजाय लगभग 100 किलोमीटर का लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है, जिससे समय, ईंधन और धन की भारी बर्बादी हो रही है।
राहगीरों ने बताया कि मजबूरी में उन्हें नावों से गंगा पार करनी पड़ रही है। हंडिया के सैदाबाद निवासी कौशलेश मिश्र, फूलपुर के शाश्वत सिंह, जौनपुर के विमलेश पटेल और कोरांव के पंकज कोल ने आरोप लगाया कि नाविक लालच में आकर नावों पर क्षमता से अधिक यात्रियों और दोपहिया वाहनों तक को लाद रहे हैं। इससे किसी भी समय बड़ी दुर्घटना घटित हो सकती है। यात्रियों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

इस संबंध में सेतु निगम के जूनियर इंजीनियर संजीव कुमार ने बताया कि पांटून पुल का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। उन्होंने दावा किया कि दिसंबर माह के अंत तक पुल पर आवागमन शुरू करा दिया जाएगा, जिससे लोगों को राहत मिलेगी।
वहीं जब इस मामले में मेजा के उपजिलाधिकारी सुरेंद्र प्रताप यादव और एसीपी मेजा एसपी उपाध्याय से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि यह मामला उनके संज्ञान में नहीं था। अधिकारियों ने कहा कि मामले की तत्काल जांच कराई जाएगी और मानकों से अधिक यात्रियों को ले जाने वाले नाविकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। एसडीएम ने यह भी भरोसा दिलाया कि पांटून पुल को शीघ्र ही आमजन के लिए खोलने की दिशा में आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
फिलहाल, पुल के अधूरे निर्माण और नावों से हो रहे खतरनाक आवागमन ने प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द ठोस कार्रवाई कर उन्हें इस जोखिम भरे सफर से निजात दिलाएगा।
