The first rain washed away claims of development! Waterlogging in Neebi Lohagara exposed the reality of the village panchayat.
गलियां बनीं तालाब, नालियां उफनाईं, कीचड़ से घिरा गांव; ग्रामीणों का आरोप—प्रधान और पंचायत सचिव की लापरवाही से बदहाल हुई व्यवस्था, सीडीओ से तत्काल जांच और कार्रवाई की मांग
ब्यूरो रिपोर्ट
सादिका पवित्र | प्रयागराज।:- बरसात का मौसम अभी पूरी तरह शुरू भी नहीं हुआ है, लेकिन पहली ही हल्की बारिश ने प्रयागराज जनपद की ग्राम सभा नीबी लोहागरा में विकास कार्यों की वास्तविक तस्वीर उजागर कर दी। गांव की गलियां जलमग्न हो गईं, नालियां चोक होकर उफनाने लगीं और जगह-जगह फैले कीचड़ ने लोगों का घरों से निकलना तक मुश्किल कर दिया। जिस गांव में विकास और स्वच्छता के दावे किए जा रहे थे, वहां की स्थिति ने उन दावों पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि बरसात से पहले नालियों की सफाई, जलनिकासी व्यवस्था और सड़कों की मरम्मत के नाम पर केवल औपचारिकताएं पूरी की गईं। नतीजा यह रहा कि मामूली बारिश ने पूरे गांव को जलभराव की समस्या से जूझने पर मजबूर कर दिया। कई गलियां छोटे तालाब में तब्दील हो गईं और घरों के सामने गंदा पानी जमा होने से लोगों का दैनिक जीवन प्रभावित हो गया।

ग्रामीणों ने नाम प्रकाशित न करने की शर्त पर ऑफ कैमरा बताया कि ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव विकास कार्यों के प्रति गंभीर नहीं हैं। उनका आरोप है कि गांव की समस्याओं की लगातार अनदेखी की जा रही है और शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते नालियों की सफाई और मरम्मत कराई जाती तो आज यह स्थिति पैदा नहीं होती।
गांव की कई सड़कें पहले से ही जर्जर हैं। बारिश के बाद इनमें गहरे गड्ढे और फिसलन पैदा हो गई है। विद्यालय जाने वाले बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और किसानों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है। जलभराव के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ने लगा है, जिससे डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव की समस्याएं नई नहीं हैं, बल्कि लंबे समय से बनी हुई हैं। कई बार पंचायत स्तर से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों तक शिकायतें की गईं, लेकिन समाधान के बजाय केवल आश्वासन ही मिले। लोगों का आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारी गांव की वास्तविक स्थिति देखने तक नहीं पहुंचे।
ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि जब हल्की बारिश में ही गांव की यह स्थिति है तो लगातार होने वाली बारिश में हालात कितने भयावह होंगे। उनका कहना है कि यदि समय रहते स्थायी जलनिकासी व्यवस्था नहीं बनाई गई तो पूरा गांव गंभीर संकट में आ जाएगा।
ग्रामीणों ने मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) प्रयागराज, जिला पंचायत राज अधिकारी तथा जिला प्रशासन से मांग की है कि गांव का तत्काल स्थलीय निरीक्षण कराया जाए, जलनिकासी व्यवस्था और विकास कार्यों की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा यदि किसी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों एवं पंचायत प्रतिनिधियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए।
फिलहाल नीबी लोहागरा के लोग एक ही सवाल पूछ रहे हैं—क्या प्रशासन पहली बारिश से मिले इस चेतावनी संकेत को गंभीरता से लेगा, या फिर ग्रामीणों को पूरी बरसात इसी बदहाली में गुजारनी पड़ेगी? अब सभी की निगाहें जिला प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।यदि आपके पास जलभराव, टूटी सड़क या चोक नालियों की तस्वीरें हैं, तो मैं इस खबर के लिए प्रथम पृष्ठ का आकर्षक फोटो लेआउट और पोस्टर डिज़ाइन भी तैयार कर सकता हूँ।
