Three years later, a drinking water project worth lakhs remains incomplete, leaving five thousand villagers yearning for clean water.
2023 में शुरू हुई टंकी 2024 तक होनी थी पूरी, निर्माण कार्य ठप होने से लोटाढ़ समेत कई गांवों में नहीं पहुंचा एक बूंद पानी; ग्रामीणों में आक्रोश, प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग
संवाददाता: बालेंद्र कुमार
प्रयागराज | सादिका पवित्र | :– प्रयागराज के यमुनानगर विकासखंड अंतर्गत कौंधियारा क्षेत्र के लोटाढ़ गांव में लाखों रुपये की लागत से बनाई जा रही महत्वाकांक्षी पेयजल परियोजना तीन वर्ष बीत जाने के बाद भी अधूरी पड़ी है। वर्ष 2023 में शुरू हुई इस परियोजना का निर्माण वर्ष 2024 तक पूरा कर जलकल विभाग को हस्तांतरित किया जाना था, ताकि क्षेत्र के प्रत्येक घर तक शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। लेकिन निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बावजूद निर्माण कार्य अधूरा है और परियोजना आज भी धरातल पर पूरी तरह साकार नहीं हो सकी है।
परियोजना में हुई इस देरी का खामियाजा लोटाढ़ सहित भिस्कुरी, अतरी, सोनरा तथा आसपास के कई गांवों के करीब पांच हजार ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। जिन लोगों को घर-घर नल से स्वच्छ पेयजल मिलने की उम्मीद थी, वे आज भी हैंडपंप, कुओं और पारंपरिक जल स्रोतों पर निर्भर रहने को मजबूर हैं। गर्मी के मौसम में जल संकट गहराने से ग्रामीणों की परेशानियां और बढ़ जाती हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि सरकार ने इस योजना को गांवों तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने के उद्देश्य से शुरू किया था। पानी की टंकी के निर्माण के बाद पाइपलाइन के जरिए प्रत्येक घर तक जलापूर्ति की जानी थी, लेकिन निर्माण कार्य अधूरा रहने के कारण आज तक किसी भी घर में टंकी का पानी नहीं पहुंच सका है। इससे लोगों में भारी निराशा और असंतोष व्याप्त है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि पिछले लंबे समय से निर्माण स्थल पर कोई गतिविधि दिखाई नहीं दे रही है। काम पूरी तरह ठप पड़ा हुआ है और जिम्मेदार एजेंसी की ओर से भी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद परियोजना अधर में लटकी हुई है, जिससे सरकारी योजनाओं की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि निर्माण कार्य करा रहे ठेकेदार से संपर्क करने का कई बार प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका। वहीं संबंधित विभाग के अधिकारियों की ओर से भी यह नहीं बताया जा रहा कि निर्माण कार्य कब तक पूरा होगा। इस अनिश्चितता ने ग्रामीणों की चिंता और बढ़ा दी है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि समय पर निर्माण कार्य पूरा कर जलापूर्ति शुरू कर दी जाती तो हजारों लोगों को स्वच्छ एवं पर्याप्त पेयजल उपलब्ध हो जाता। लेकिन विभागीय लापरवाही और निर्माण कार्य में हो रही देरी के कारण लोग आज भी मूलभूत सुविधा से वंचित हैं।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और जलकल विभाग से मांग की है कि अधूरी पड़ी पेयजल परियोजना का निर्माण कार्य तत्काल पूरा कराया जाए, जिम्मेदार अधिकारियों एवं निर्माण एजेंसी की जवाबदेही तय की जाए तथा शीघ्र जलापूर्ति शुरू कराकर हजारों ग्रामीणों को राहत दिलाई जाए। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे जनहित में आंदोलन करने के लिए भी बाध्य होंगे।
