4.55 lakh rupees defrauded from the account of the secretary of Mahanirvani Akhara, the money was withdrawn through fake cheques and forged signatures.
लखनऊ निवासी युवक और बैंकों के कर्मचारियों पर मिलीभगत का आरोप, कोतवाली में एफआईआर दर्ज, पुलिस जांच में जुटी
संवाददाता नीरज कुमार शर्मा
Crime Appdet Prayagraj प्रयागराज।:- श्री पंचायती महानिर्वाणी अखाड़ा दारागंज के सचिव श्रीमहंत यमुना पुरी के बैंक खाते से 4 लाख 55 हजार रुपये की धोखाधड़ी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि फर्जी चेक और जाली हस्ताक्षर के जरिए रकम निकालकर लखनऊ निवासी युवक के खाते में ट्रांसफर कर दी गई। इस मामले में कोतवाली थाने में लखनऊ के गोमतीनगर एक्सटेंशन निवासी राज कृष्ण शर्मा, कोटक महिंद्रा बैंक और एक्सिस बैंक के कुछ अज्ञात कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।
श्रीमहंत यमुना पुरी ने बताया कि उनका खाता प्रयागराज के चौक स्थित एक्सिस बैंक शाखा में है। सुगम लेनदेन के लिए उन्होंने बैंक से चेकबुक जारी करवाई थी। बीते महीने दो बार में उनके खाते से कुल 4 लाख 55 हजार रुपये से अधिक की राशि निकाली गई। इसकी जानकारी तब हुई जब उन्होंने अपने खाते की स्टेटमेंट जांची।
जब श्रीमहंत बैंक पहुंचे और जानकारी ली तो पता चला कि उनके खाते से निकली रकम लखनऊ निवासी राज कृष्ण शर्मा के कोटक महिंद्रा बैंक खाते में ट्रांसफर की गई है। बैंक में जो चेक लगाया गया, उस पर उनके हस्ताक्षर नहीं थे। आरोप है कि फर्जी चेक पर फर्जी हस्ताक्षर कर बैंक में भुगतान कराया गया, जबकि मूल चेक अभी भी उनके पास सुरक्षित है।
श्रीमहंत यमुना पुरी का आरोप है कि इस धोखाधड़ी में एक्सिस बैंक के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत भी हो सकती है, क्योंकि बिना सही सत्यापन के इतनी बड़ी राशि का भुगतान कर दिया गया। उन्होंने इस संबंध में कोतवाली थाने में तहरीर देकर न्याय की गुहार लगाई है।

कोतवाली इंस्पेक्टर संजय राय ने बताया कि तहरीर के आधार पर राज कृष्ण शर्मा समेत अन्य अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। बैंक रिकॉर्ड, चेक और ट्रांजेक्शन डिटेल की जांच कराई जा रही है, ताकि पूरे षड्यंत्र का खुलासा किया जा सके।
इस घटना के सामने आने के बाद अखाड़ा प्रबंधन और साधु-संतों में रोष है। उनका कहना है कि धार्मिक संस्थाओं के खातों से इस तरह की ठगी बेहद गंभीर मामला है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
