दहेज के लिए बहू को जलाने वाले तीन दोषियों को उम्रकैद, मरते वक्त दिए बयान ने पलट दी पूरी केस कहानी मेजा थाना क्षेत्र की घटना—पीड़िता के मरने से पहले दिए गए बयान बने सजा की मजबूत आधारशिला; प्रत्येक दोषी पर 25-25 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया
संवाददाता – आलोपी शंकर शर्मा
मेजा प्रयागराज।- दहेज की लालसा में एक विवाहिता को जिंदा जलाकर मार डालने के आरोप में प्रयागराज की जिला अदालत ने तीन दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। मेजा थाना क्षेत्र के लेहड़ी गांव निवासी निसार, नफीसा और फरहीन को दोषी करार देते हुए अदालत ने प्रत्येक पर 25-25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
अपर विशेष न्यायाधीश (पोक्सो) प्रभात कुमार यादव ने अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलों पर विस्तृत सुनवाई के बाद यह निर्णय दिया।
घटना के पीछे दहेज की मांग बनी वजह-
अभियोजन के अनुसार, पीड़िता नरगिस की शादी शकील निवासी लेहड़ी ननकू से हुई थी। शादी के बाद ससुराल पक्ष द्वारा दहेज की मांग को लेकर उसे लगातार प्रताड़ित किया जाने लगा। उसका खाना-पीना तक रोक दिया गया।
21 मई 2017 को पीड़िता को मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दी गई। गंभीर रूप से झुलसी हालत में इलाज के दौरान उसने अपने बयान में स्पष्ट रूप से बताया कि उसके देवर निसार, जेठानी नफीसा और ननद फरहीन ने मिलकर उसे जलाया।
घरवालों ने बदला बयान, लेकिन पीड़िता का dying statement बना सबूत
यद्यपि पीड़िता के परिजनों ने अदालत में अपने पहले दिए गए बयान बदल दिए और पुलिस को दिए बयान से मुकर गए, लेकिन अभियोजन पक्ष ने मजबूत साक्ष्यों के आधार पर मामला सिद्ध किया।
अपर नगर मजिस्ट्रेट प्रदीप कुमार, जो इस मामले के प्रमुख गवाह थे, ने अदालत में धारा 164 के तहत दर्ज पीड़िता के बयान को साबित किया। उन्होंने बताया कि पीड़िता ने अपने अंतिम बयान में उन्हीं तीन लोगों को जलाने का जिम्मेदार ठहराया था।
न्यायालय ने दिया कड़ा संदेश-
अदालत ने कहा कि दहेज के लिए एक मासूम जीवन को क्रूरता से खत्म करना समाज के लिए कलंक है। ऐसे अपराधियों के प्रति सख्त रुख अपनाना आवश्यक है ताकि दहेज-प्रथा जैसी सामाजिक बुराइयों पर रोक लग सके।
अदालत ने तीनों दोषियों को आजीवन कारावास और 25-25 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित करते हुए निर्णय सुनाया।
