शासन मार्ग पर बिखरी राखड से राहगीर परेशान, सड़क पर उड़ रही राख़
दो पहिया वाहन चालको को होती है परेशानी, जिम्मेदार मौन
सिंगरौली। उद्योगों की नगरी सिंगरौली में प्रदूषण का नया अध्याय पावर प्लांट की राख परिवहन से जुड़ गया है। शासन 3 नंबर गेट से लेकर गनियारी की ओर ले जाई जा रही राख अब स्थानीय लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन चुकी है। सड़क पर जगह-जगह राख की परत जम गई है। भारी वाहनों के पहिए जैसे ही उस पर चलते हैं, राख का गुबार हवा में उड़कर आसपास के घरों, दुकानों और खेतों में फैल जाता है। ग्रामीण हर दिन राख की धूल निगलने को मजबूर हैं और प्रशासनिक तंत्र गहरी नींद में है।
गौरतलब है कि दिन हो या रात सड़क से गुजरने वाले वाहनों की रफ्तार जैसे ही बढ़ती है, राख का बादल उठता है और राहगीरों का सांस लेना दूभर कर देता है। बाइक सवार मास्क लगाने पर भी बच नहीं पाते। फसलें राख की सफेद परत से ढक रही हैं, घरों की छत और आंगन हर सुबह राख की धूल से ढके मिलते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह सिर्फ प्रदूषण नहीं, बल्कि स्वास्थ्य पर सीधा हमला है। नियम स्पष्ट कहते हैं कि राख का परिवहन कवर किए गए हाइवा वाहनों से हो और रास्ते में राख न गिरे। अगर गिर भी जाए तो तुरंत सफाई और पानी का छिड़काव किया जाए। लेकिन वास्तविकता यह है कि न कवर ढंग से लगे हैं, न छिड़काव होता है और न ही सफाई।
राख से घुट रहा दम
सडक मार्ग से राख ढोने वाले हाइवा वाहनों ने सड़क को राख का गोडाउन बना दिया है। राख सड़क पर गिर रही है, फिर ट्रकों की रफ्तार से वही राख हवा में उड़कर लोगों की सांसों में घुल रही है। राहगीर, बच्चे और बुजुर्ग रोज इस जहरीली हवा में जीने को मजबूर हैं। खेतों में राख की परत जम चुकी है, फसलें प्रभावित हो रही हैं, लेकिन प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड दोनों की चुप्पी गहरी चिंता पैदा करती है।
