3 दिन का वादा 3 महीने में टूटा, देवसर में फिर सड़क पर कब्जा, हादसों को न्योता दे रही बाजार की अव्यवस्था
*सिंगरौली।* जिले के देवसर मुख्य बाजार और चितरंगी रोड पर प्रशासन का इकबाल खत्म होता नजर आ रहा है। 15 दिसंबर 2025 को हुए उग्र चक्काजाम के बाद नायब तहसीलदार और एसडीएम ने लिखित भरोसा दिया था कि 3 दिनों के भीतर सड़क को अतिक्रमण मुक्त कर दिया जाएगा। लेकिन विडंबना देखिए कि 3 महीने बीतते-बीतते हकीकत यह है कि व्यापारियों ने फिर से दुकानों के सामने टीन शेड तान दिए हैं और सड़क किनारे गड्ढे खोदकर स्थाई कब्जे की तैयारी शुरू कर दी है।
*चक्काजाम के बाद नेताजी के तेवर भी पड़े ठंडे*
दिसंबर में जब NH-39 पर जनता का आक्रोश फूटा था, तब मौके पर पहुंचे क्षेत्रीय नेताओं ने सख्त लहजे में प्रशासन को अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए थे। उस दौरान आनन-फानन में कुछ गुमटियां हटाई भी गईं, लेकिन जैसे ही मामला शांत हुआ और तत्कालीन एसडीएम का तबादला हुआ, पूरी फाइल ठंडे बस्ते में चली गई। अब अतिक्रमणकारी सहूआर चौराहा से लेकर SBI बैंक तक दोबारा काबिज हो गए हैं।
*हादसों की ब्लैक स्पॉट बनी सड़क: मोची की मौत के बाद भी नहीं जागी नींद*
अतिक्रमण की वजह से यह मार्ग अब पूरी तरह जानलेवा साबित हो रहा है। शिव मंदिर रोड के सामने दुकान लगाने वाले एक बुजुर्ग मोची की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत भी प्रशासन की आँखें नहीं खोल सकी। हालात इतने बदतर हैं कि बीते 31 दिसंबर को भी मुख्य बाजार में एक बड़ा हादसा होते-होते बचा। सड़क इतनी संकरी हो गई है कि आम लोगों का पैदल चलना भी दूभर हो गया है। यहाँ रोजाना छोटे-मोटे एक्सीडेंट होना अब नियति बन गई है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी केवल कागजी नोटिस जारी करने और जुर्माने की खानापूर्ति तक ही सीमित नजर आ रहे हैं।
*करोड़ों की अंबेडकर सब्जी मंडी खाली, सड़क पर रसूखदारों का कब्जा*
सबसे बड़ा सवाल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर है। शासन ने व्यापारियों की सुविधा के लिए करोड़ों की लागत से अंबेडकर सब्जी मंडी का निर्माण कराया है, लेकिन वह आज भी खाली पड़ी है। कुछ छोटे दुकानदार तो मंडी में शिफ्ट हो गए हैं, लेकिन रसूखदार व्यापारी NH-39 की पटरी पर कब्जा जमाए बैठे हैं। यदि प्रशासन इन दुकानदारों को सख्ती से मंडी में शिफ्ट कर दे, तो जाम की समस्या का स्थाई समाधान हो सकता है।
*नए एसडीएम के लिए अग्निपरीक्षा: क्या चलेगा बुलडोजर?*
क्षेत्र में चर्चा है कि जुर्माना वसूलने और नोटिस बांटने के बावजूद अतिक्रमण क्यों नहीं हट रहा? ताजा तस्वीरों में साफ दिख रहा है कि अब तो दिन-दहाड़े सड़क किनारे कब्जे के लिए निर्माण कार्य चल रहा है। अब क्षेत्र की जनता की निगाहें नए एसडीएम पर टिकी हैं। क्या वे पूर्व में दिए गए ‘लिखित आश्वासन’ को पूरा कर पाएंगे या देवसर के लोग ऐसे ही हादसों के साये में जीने को मजबूर रहेंगे?
