Strict action against fake examiners in Uttar Pradesh, now they will be identified through photo-bearing list
24 जनवरी से दो चरणों में होंगी इंटर की प्रायोगिक परीक्षाएं, पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ाने को यूपी बोर्ड का बड़ा कदम
ब्यूरो रिपोर्ट
UP Board Practical Exam: प्रयागराज। – उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) ने इंटरमीडिएट की प्रायोगिक परीक्षाओं को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए अहम निर्णय लिया है। 24 जनवरी से शुरू होने वाली इंटर की प्रायोगिक परीक्षाओं में अब परीक्षा केंद्रों पर भेजी जाने वाली परीक्षकों की सूची में उनकी फोटो अनिवार्य रूप से शामिल की जाएगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य परीक्षा केंद्रों पर फर्जी परीक्षकों के पहुंचने की आशंका को पूरी तरह समाप्त करना है।
यूपी बोर्ड के इस फैसले से केंद्र व्यवस्थापक और प्रधानाचार्य आसानी से यह सुनिश्चित कर सकेंगे कि परीक्षा लेने पहुंचे परीक्षक वास्तविक और अधिकृत हैं। बोर्ड का मानना है कि इससे न केवल परीक्षा प्रक्रिया पर भरोसा बढ़ेगा, बल्कि मूल्यांकन की गुणवत्ता और निष्पक्षता भी मजबूत होगी।
केंद्र व्यवस्थापकों की समस्याओं पर बोर्ड का मंथन
प्रायोगिक परीक्षाओं के सफल और सुचारु आयोजन को लेकर बोर्ड सचिव भगवती सिंह ने शुक्रवार को विभागीय अधिकारियों और कुछ प्रधानाचार्यों के साथ बैठक की। बैठक में पहले जारी दिशा-निर्देशों की समीक्षा की गई। प्रधानाचार्यों ने अपनी समस्याएं रखते हुए बताया कि कई बार निर्देश पूरी तरह स्पष्ट न होने के कारण परीक्षा के दौरान असमंजस की स्थिति बन जाती है।
इस पर बोर्ड सचिव ने आश्वासन दिया कि सभी दिशा-निर्देशों को और अधिक स्पष्ट, व्यावहारिक और सरल बनाया जाएगा, ताकि परीक्षा के दौरान किसी भी स्तर पर भ्रम की स्थिति न उत्पन्न हो।
दो चरणों में होंगी इंटर की प्रायोगिक परीक्षाएं
यूपी बोर्ड के प्रयागराज क्षेत्रीय कार्यालय के अंतर्गत आने वाले 23 जिलों में इंटरमीडिएट की प्रायोगिक परीक्षाओं का कार्यक्रम जारी कर दिया गया है। अपर सचिव कमलेश कुमार द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार निर्धारित समय-सीमा के भीतर परीक्षा संपन्न कराना अनिवार्य होगा।
पहला चरण: -24 जनवरी से 1 फरवरी तक
(29 और 30 जनवरी को टीईटी प्रस्तावित होने के कारण कोई परीक्षा नहीं होगी)
दूसरा चरण:- 2 फरवरी से 9 फरवरी तक
पारदर्शिता पर जोर, भरोसेमंद परीक्षा की तैयारी
यूपी बोर्ड का मानना है कि फोटोयुक्त परीक्षक सूची, स्पष्ट दिशा-निर्देश और चरणबद्ध परीक्षा कार्यक्रम के माध्यम से इस बार इंटर की प्रायोगिक परीक्षाएं अधिक सुव्यवस्थित, निष्पक्ष और भरोसेमंद तरीके से कराई जा सकेंगी। बोर्ड का यह कदम परीक्षा प्रणाली में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
