A huge crowd of voters gathered for the hearing of the SIR notice, causing chaos in the Tehsil auditorium.
मताधिकार बचाने के लिए घंटों लाइन में खड़े रहे मतदाता, दस्तावेज जमा करने को लेकर धक्का-मुक्की, अव्यवस्थाओं पर उठे सवाल
संवाददाता: हिमांशु गौर
Jalaun News कोंच (जालौन)।-पुनरीक्षण मतदाता सूची–2025 के अंतर्गत वर्ष 2003 की मतदाता सूची के सापेक्ष आवश्यक साक्ष्य प्रस्तुत न करने वाले मतदाताओं को जारी किए गए एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) नोटिस की सुनवाई मंगलवार को तहसील सभागार में आयोजित की गई। सुनवाई के लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई थी।
नोटिस प्राप्त मतदाताओं की भारी भीड़ सुबह से ही तहसील परिसर में जुटने लगी। देखते ही देखते तहसील सभागार में मतदाताओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। मतदाता अपने मताधिकार को सुरक्षित रखने के लिए जारी 17 प्रकार के प्रमाणपत्रों और अभिलेखों को लेकर इधर-उधर भटकते नजर आए।
भीड़ अधिक होने के कारण हालात बेकाबू होते दिखे। कागजात जमा कराने के लिए मतदाताओं को धक्का-मुक्की तक का सामना करना पड़ा। अफरा-तफरी का माहौल ऐसा रहा कि कई लोग घंटों तक अपनी बारी का इंतजार करते रहे। बावजूद इसके, मतदाता अपने मताधिकार से वंचित न हो जाएं, इसी डर से लंबी कतारों में डटे रहे।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि यह प्रक्रिया बूथवार अधिकारियों को बैठाकर कराई जाती तो मतदाताओं को इस भारी अव्यवस्था और परेशानियों से राहत मिल सकती थी। एक ही स्थान पर सभी को बुलाए जाने से अव्यवस्था और भीड़ बढ़ गई, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए।
इस दौरान प्रभारी तहसीलदार बीरेन्द्र प्रसाद गुप्ता, नायब तहसीलदार जितेंद्र सिंह पटेल, सहायक अभियंता धर्मेंद्र सिंह, सुरेंद्र सिंह जादौन, पारस अग्रवाल, अजय यादव सहित अनेक अधिकारी एवं कर्मचारी मौके पर मौजूद रहे और अभिलेखों की जांच की प्रक्रिया में जुटे रहे।
हालांकि अधिकारियों ने व्यवस्था संभालने का प्रयास किया, लेकिन भारी भीड़ के कारण मतदाताओं को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। मतदाताओं ने मांग की कि भविष्य में इस प्रकार की सुनवाई को बूथ स्तर पर आयोजित किया जाए, ताकि उन्हें अनावश्यक रूप से परेशान न होना पड़े।
