निघासन क्षेत्र के दौलतापुर समेत कई गाँव जलमग्न, सड़कें डूबीं, नावें भी बेकार – ग्रामीण बोले “सरकारी मदद अब तक नदारद”, प्रशासन ने दिलाया आश्वासन, सरकार ने घोषित किया राहत पैकेज
ब्यूरो – अंशू वर्मा
लखीमपुर खीरी, निघासन (4 सितम्बर 2025)। शारदा नदी और घाघी नाला के उफान से निघासन तहसील क्षेत्र के कई गाँवों में बाढ़ ने विकराल रूप ले लिया है। ग्राम पंचायत दौलतापुर और इसके आसपास बसे बोटनपुरवा, सुरजीपुरवा, हुलासीपुरवा, नौगवां, यादवपुरवा, बीचपरी कोरियाना और दौलतापुर पूरी तरह पानी में डूब गए हैं। हालात इतने खराब हैं कि ग्रामीणों का दैनिक जीवन संकट में पड़ गया है।
सड़क पर कमर तक पानी – जान जोखिम में सफर
दौलतापुर-बम्हनपुर मार्ग पर पानी कमर तक भर चुका है। ग्रामीण मजबूरी में जान जोखिम में डालकर इस मार्ग से गुजर रहे हैं। सड़कों पर जलभराव और आवागमन बंद होने से राहत और आवश्यक सामग्री गाँव तक नहीं पहुँच पा रही।
पशुओं पर मंडराया खतरा – चारा-पानी की किल्लत
बाढ़ से सिर्फ इंसान ही नहीं, बल्कि पशुपालन भी संकट में है। मवेशी भूख और प्यास से कराह रहे हैं। चारे और पीने के पानी की भारी कमी से किसान बेहाल हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अगर जल्द राहत नहीं मिली तो बड़ी संख्या में पशुओं की जान पर बन आएगी।
नाव भी बनी मुसीबत – प्रशासन की लापरवाही उजागर
ग्रामीणों ने बताया कि गाँव में पहले से एक नाव चल रही थी, लेकिन वह पूरे गाँव के लिए नाकाफी है। प्रशासन की ओर से एक और नाव भेजी गई, मगर वह खराब निकली। नाव पानी से भर जाती है और डूबने की कगार पर रहती है। नतीजा यह है कि लोग मजबूरी में खुद ही नाले में उतरकर रास्ता पार कर रहे हैं।
ग्रामवासियों की पुकार :- गाँव के लोगों ने सरकार और प्रशासन से तत्काल मदद की गुहार लगाई है। उनकी प्रमुख माँगें इस प्रकार हैं:
तुरंत सही और सुरक्षित नाव उपलब्ध कराई जाए।
राहत सामग्री (खाद्य पदार्थ, दवाइयाँ, चारा-पानी) गाँव तक पहुँचाई जाए।
बचाव कार्यों की रफ्तार बढ़ाई जाए स्थानीय जनता की आवाज़ें :- ग्राम पंचायत दौलतापुर के एक ग्रामीण रामनरेश ने कहा, “पानी से घिरकर हम फंसे हुए हैं। बच्चों को दूध नहीं मिल रहा, मवेशियों को चारा नहीं। सरकार सिर्फ कागज़ों में मदद दिखा रही है, ज़मीन पर कुछ नहीं दिख रहा।”
गाँव की महिला शांति देवी ने रोते हुए कहा, “बीमार लोग दवाइयों के बिना तड़प रहे हैं। नाव भी खराब है, कैसे अस्पताल तक पहुँचें?”
प्रशासन का पक्ष :- इस मामले पर तहसील निघासन के नायब तहसीलदार ने कहा कि राहत कार्य जारी हैं।
“हमारी टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। एक नाव की खराबी की जानकारी मिली है, उसे दुरुस्त करने और नई नाव भेजने की कार्रवाई की जा रही है। प्रभावित गाँवों में खाद्य सामग्री और पशुओं के लिए चारा पहुँचाने की तैयारी है। जल्द ही स्थिति नियंत्रण में आ जाएगी।”
सरकार का ऐलान – राहत पैकेज और मुआवज़ा
उत्तर प्रदेश सरकार ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए विशेष राहत पैकेज की घोषणा की है। शासन ने कहा है कि:
प्रत्येक प्रभावित परिवार को तुरंत ₹5,000 की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
जिनके घर पूरी तरह या आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं, उन्हें ₹95,100 तक का मुआवज़ा मिलेगा।
मृतकों के परिजनों को ₹4 लाख का मुआवज़ा दिया जाएगा।
पशुओं की मौत पर भी सरकारी दर से मुआवज़ा दिया जाएगा।
मेडिकल टीमों और मोबाइल स्वास्थ्य इकाइयों को प्रभावित गाँवों में भेजने का निर्देश दिया गया है।
फिलहाल बाढ़ पीड़ितों को इस राहत पैकेज का इंतज़ार है। ग्रामीणों का कहना है कि कागज़ पर मदद की घोषणाएँ हो रही हैं, लेकिन ज़मीनी स्तर पर अब तक राहत पहुँचने का इंतज़ार जारी है।
