In Prayagraj Yamunapar, 100 couples tied the knot for seven lives, a grand mass wedding took place under the Chief Minister’s Kanya Vivah Yojana.
पालीटेक्निक परिसर में वैदिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ आयोजन, जनप्रतिनिधियों ने नवदंपतियों को दिया आशीर्वाद
संवाददाता आलोपी शंकर शर्मा
Prayagraj Update युमनापार :- प्रयागराज में मुख्यमंत्री सामूहिक कन्या विवाह योजना के अंतर्गत गुरुवार को पालीटेक्निक परिसर में भव्य सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें 100 जोड़ों ने एक-दूसरे का हाथ थामकर दांपत्य जीवन की नई शुरुआत की। यह आयोजन धनुपुर, हंडिया और नगर पंचायत क्षेत्र के चयनित जोड़ों के लिए किया गया था।
वैदिक मंत्रोच्चारण और पारंपरिक रीति-रिवाजों के बीच विवाह संपन्न कराया गया। ढोल-नगाड़ों, मंगल गीतों और पारंपरिक संगीत की गूंज से पूरा परिसर उत्सव स्थल में बदल गया। नवदंपतियों ने अग्नि के समक्ष सात फेरे लेकर जीवनभर साथ निभाने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में धनुपुर की ब्लॉक प्रमुख ज्योति यादव, हंडिया के ब्लॉक प्रमुख महेंद्र कुमार सिंह उर्फ मुन्ना तथा प्रयागराज के जिला विकास अधिकारी (डीडीओ) उपस्थित रहे। अतिथियों ने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देते हुए उनके सुखी और समृद्ध वैवाहिक जीवन की कामना की।
अपने संबोधन में अतिथियों ने मुख्यमंत्री सामूहिक कन्या विवाह योजना की सराहना करते हुए कहा कि यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए वरदान साबित हो रही है। इसके माध्यम से गरीब परिवारों की बेटियों का सम्मानजनक विवाह सुनिश्चित हो रहा है, जिससे समाज में समानता और बेटियों के प्रति सम्मान की भावना को बल मिल रहा है।
विवाह उपरांत नवदंपतियों और उनके परिजनों के लिए सामूहिक भोज का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री योजना के अंतर्गत प्रत्येक जोड़े को गृहस्थी के लिए आवश्यक सामग्री और उपहार किट प्रदान की गई। इस किट में बर्तन, कपड़े, घरेलू उपयोग की वस्तुएं और अन्य जरूरी सामान शामिल रहा, जिससे नवदंपतियों को नए जीवन की शुरुआत में सहारा मिल सके।
कार्यक्रम स्थल को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। बड़ी संख्या में परिजन, जनप्रतिनिधि और स्थानीय नागरिक समारोह में मौजूद रहे। प्रशासनिक अधिकारियों, कर्मचारियों और स्वयंसेवकों ने आयोजन को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई।
सामूहिक विवाह समारोह न केवल जरूरतमंद परिवारों के लिए राहत बना, बल्कि समाज को यह संदेश भी दिया कि बेटियों का विवाह सम्मान, सादगी और गरिमा के साथ कराया जाना चाहिए। यह आयोजन सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का सशक्त उदाहरण बना।
