Negligence by doctors at Meja CHC sparked a riot! The doctors were attacked for delaying treatment, tearing government registers, and scattering medicines.
इलाज के नाम पर उपेक्षा, संवाद के नाम पर बदसलूकी — जनता का आक्रोश हिंसा में बदला, अस्पताल बना अराजकता का अड्डा
संवाददाता नीरज कुमार शर्मा
Meja CHC Hospital Update मेजा प्रयागराज :- मेजा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में बीती रात जो कुछ हुआ, वह सिर्फ कानून-व्यवस्था की चुनौती नहीं बल्कि सरकारी स्वास्थ्य तंत्र की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। इलाज के लिए पहुंचे मरीज और तीमारदारों को जब समय पर उपचार नहीं मिला और उन्हें टालने की कोशिश की गई, तो नाराजगी ने उग्र रूप ले लिया।
आरोप है कि शिवम राज पांडे उर्फ छोटू और गोलू सिंह नामक युवक मरीज को लेकर CHC पहुंचे थे, लेकिन ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर विजय चौधरी ने इलाज के बजाय टालमटोल और कठोर रवैया अपनाया। इसी बात को लेकर पहले तीखी बहस हुई और फिर मामला हाथापाई तक जा पहुंचा।
बताया जा रहा है कि डॉक्टर ने स्थिति को शांत करने के बजाय कड़े शब्दों में जवाब दिया, जिससे विवाद और भड़क गया। इसके बाद दोनों युवकों ने डॉक्टर पर हमला कर दिया। हमले में डॉक्टर के हाथ में गंभीर चोट आई है।

बीच-बचाव करने आए फार्मासिस्ट कमलेश मिश्रा के साथ भी आरोपियों ने धक्का-मुक्की की। जब उन्होंने पुलिस को सूचना देने के लिए 112 नंबर पर कॉल करने की कोशिश की तो आरोपियों ने उनका मोबाइल छीनकर जमीन पर पटक दिया, जिससे फोन का डिस्प्ले टूट गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हमलावरों ने अस्पताल के दो महत्वपूर्ण सरकारी रजिस्टर फाड़ दिए और अलमारी में रखी जीवन रक्षक दवाओं को फर्श पर बिखेर दिया। कई दवाएं टूट गईं और खराब हो गईं। यह नुकसान सिर्फ सरकारी संपत्ति का नहीं बल्कि मरीजों के इलाज से सीधा खिलवाड़ है।
घटना के बाद अस्पताल कर्मियों में आक्रोश है, लेकिन आम जनता में यह चर्चा तेज है कि यदि डॉक्टर समय पर इलाज नहीं करेंगे, मरीजों से संवेदनशील व्यवहार नहीं करेंगे और जवाबदेही से बचते रहेंगे, तो ऐसी घटनाएं टकराव का रूप लेंगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मेजा CHC में लापरवाही कोई नई बात नहीं है।
कभी डॉक्टर समय पर नहीं मिलते,
कभी मरीजों को रेफर कर दिया जाता है,
तो कभी तीमारदारों को अपमानित किया जाता है।
ऐसी स्थिति में आम मरीज खुद को असहाय महसूस करता है और उसका गुस्सा अंततः विस्फोट में बदल जाता है।
पीड़ित पक्ष ने स्थानीय थाने में नामजद तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। थाना अध्यक्ष दीन दयाल सिंह ने बताया कि तहरीर मिल चुकी है और मामले की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद आरोपियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।
अब सवाल केवल यह नहीं कि हमलावरों को क्या सजा मिलेगी, बल्कि यह भी कि —
क्या डॉक्टरों की कार्यशैली की जांच होगी?
क्या इलाज में की जा रही लापरवाही पर कार्रवाई होगी?
या फिर पूरा मामला केवल मारपीट तक सीमित रह जाएगा?
यदि समय रहते प्रशासन ने डॉक्टरों की जवाबदेही तय नहीं की और CHC में व्यवस्था नहीं सुधारी, तो ऐसी घटनाएं दोहराई जाती रहेंगी और सबसे ज्यादा नुकसान आम जनता को उठाना पड़ेगा।
