Negligence of officers exposed in response to public complaints, DM shows strictness in Meja
संपूर्ण समाधान दिवस के 51 मामलों की जांच में कई शिकायतकर्ताओं ने जताई नाराजगी; पांच कर्मचारियों पर विभागीय कार्रवाई के निर्देश, तीन को नोटिस, चार से स्पष्टीकरण और तीन को प्रतिकूल प्रविष्टि
संवाददाता आलोपी शंकर शर्मा
Meja thesil Prayagraj मेजा प्रयागराज:- मेजा तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान प्रशासनिक लापरवाही का बड़ा मामला सामने आया। जनता की समस्याओं के निस्तारण को लेकर अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठे तो जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने सख्त रुख अपनाते हुए कई कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दे दिए। जांच में सामने आया कि कई मामलों में शिकायतों का सही ढंग से निस्तारण ही नहीं किया गया और अधिकारियों ने असंतोषजनक रिपोर्ट प्रस्तुत कर औपचारिकता निभा दी।
51 मामलों की कराई गई जांच
डीएम ने पिछले संपूर्ण समाधान दिवस में प्राप्त 51 शिकायतों की जांच 17 जिला स्तरीय अधिकारियों से कराई। जांच के दौरान जब शिकायतकर्ताओं से फीडबैक लिया गया तो कई लोगों ने बताया कि उनकी समस्याओं का सही समाधान नहीं हुआ। इससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए।

जनता की शिकायतों को किया गया नजरअंदाज
जांच में यह भी सामने आया कि कुछ कर्मचारियों ने बिना समस्या का वास्तविक निस्तारण किए ही रिपोर्ट लगा दी। इससे यह स्पष्ट हुआ कि जनता की शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया गया। ऐसे मामलों में शिकायतकर्ताओं ने खुलकर असंतोष जताया, जिसके बाद डीएम ने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई का आदेश दिया।
पांच कर्मचारियों पर विभागीय कार्रवाई के निर्देश
जिलाधिकारी ने मामले को गंभीर मानते हुए पांच कर्मचारियों पर विभागीय कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इनमें मेजा के लेखपाल विभा, अमरनाथ, अरविंद कुमार सिंह, अजय कुमार भारतीय तथा राजस्व निरीक्षक (दैवीय आपदा) भारत रत्न त्रिपाठी शामिल हैं। इन पर आरोप है कि इन्होंने बिना वास्तविक निस्तारण किए ही असंतोषजनक आख्या प्रस्तुत कर दी।
तीन अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस
इसके अलावा सहायक विकास अधिकारी दिनेश चंद्र पाठक, लेखपाल सुनील कुमार श्रीवास्तव और मेजा रेंज के वन दारोगा रामचंद्र यादव को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इन पर भी शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही और असंतोषजनक रिपोर्ट देने का आरोप है।
लापरवाही पर चेतावनी और स्पष्टीकरण
जिलाधिकारी ने लेखपाल अरविंद कुमार सिंह को चेतावनी पत्र जारी करने का निर्देश दिया है। वहीं कुछ अधिकारियों से स्पष्टीकरण भी मांगा गया है कि आखिर शिकायतों का समाधान सही तरीके से क्यों नहीं किया गया।
समाधान दिवस से गायब रहे अधिकारी
समाधान दिवस में कुछ विभागों के अधिकारी अनुपस्थित भी पाए गए। इस पर एसडीएम बारा ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जसरा और शंकरगढ़ के अधीक्षक तथा विद्युत विभाग के उपखंड अधिकारी कौंधियारा व रीवा रोड से स्पष्टीकरण मांगा है। इनकी अनुपस्थिति के कारण कई शिकायतों का मौके पर निस्तारण नहीं हो सका।
तीन कर्मचारियों को दी गई प्रतिकूल प्रविष्टि
इसके अलावा एसडीएम हंडिया ने लेखपाल अनिल कुमार पासवान को प्रतिकूल प्रविष्टि दी। एसडीएम मेजा ने लेखपाल रमाशंकर (क्षेत्र ग्राम महिला) को वरासत में विधवा का नाम छोड़ने और कार्य में लापरवाही बरतने पर प्रतिकूल प्रविष्टि दी है। वहीं एसडीएम कोरांव ने लेखपाल शुभम कुमार मिश्र को भी प्रतिकूल प्रविष्टि जारी की है।
जनता की बेबसी और प्रशासन की सख्ती
संपूर्ण समाधान दिवस का उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना होता है, लेकिन कई मामलों में अधिकारियों की लापरवाही से जनता को राहत नहीं मिल पा रही थी। शिकायतों का सही समाधान न होने से लोग बार-बार तहसील के चक्कर लगाने को मजबूर हो रहे थे। डीएम की सख्ती के बाद अब प्रशासनिक महकमे में हलचल तेज हो गई है और उम्मीद जताई जा रही है कि आगे शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही करने वालों पर और सख्त कार्रवाई होगी।
