Is Mauganj’s Ward No. 8 excluded from the municipal list? Residents are forced to live in the shadow of filth, stench, and disease.
जवाहरलाल नेहरू वार्ड नंबर 8 (सावित्री शुक्ला क्षेत्र) में महीनों से नियमित सफाई नहीं, कचरा उठाने वाली गाड़ी नदारद, निजी स्कूल भी फैला रहे गंदगी — नगर पालिका व नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल
✍️ संवाददाता -पंकज पांडे
Nager palika Mauganj – मध्य प्रदेश के जिला मऊगंज की तहसील मऊगंज अंतर्गत जवाहरलाल नेहरू वार्ड नंबर 8 (सावित्री शुक्ला क्षेत्र) आज गंदगी, बदबू और उपेक्षा की मिसाल बन चुका है। यहां के निवासी मूलभूत सुविधा — सफाई व्यवस्था — से वंचित हैं और नारकीय हालात में जीवन बिताने को मजबूर हैं।
वार्ड की गलियों में जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हैं। नालियां जाम हैं, सड़ांध उठ रही है और मच्छरों का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। कई स्थानों पर महीनों से झाड़ू तक नहीं लगी है। इससे साफ जाहिर होता है कि यहां की सफाई व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि-
नगर पालिका कर्मचारी तीन से चार महीने में एक बार केवल दिखावे के लिए आते हैं।
कुछ देर झाड़ू लगाकर चले जाते हैं और फिर लंबे समय तक कोई कर्मचारी दिखाई नहीं देता। नियमित सफाई का कोई स्थायी सिस्टम नहीं है।
🚮 कचरा गाड़ी बनी दिखावा-
वार्डवासियों के अनुसार, कचरा उठाने वाली गाड़ी समय पर नहीं आती। कई बार तो पूरे सप्ताह तक गाड़ी नहीं पहुंचती।
जब कई दिनों तक कचरा गाड़ी नहीं आती, तो मजबूर होकर लोग अपने घरों का कचरा एक खाली जमीन पर फेंकने लगते हैं। धीरे-धीरे वही स्थान अस्थायी डंपिंग ग्राउंड में तब्दील हो गया है।
तेज हवाओं के कारण वही कचरा उड़कर फिर घरों और गलियों में फैल जाता है। इससे पूरे मोहल्ले में दुर्गंध फैल जाती है और संक्रमण का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
🏫 निजी स्कूल भी बढ़ा रहे समस्या-
स्थिति तब और गंभीर हो जाती है जब
कुछ निजी विद्यालय संचालकों द्वारा भी स्कूल का कचरा खुले में फेंक दिया जाता है।
विद्यालयों से निकलने वाला कचरा आसपास के मोहल्लों में डंप किया जा रहा है, जिससे आम नागरिकों के साथ-साथ बच्चों के स्वास्थ्य पर भी सीधा असर पड़ रहा है।
🤒 बीमारियों का बढ़ता खतरा-
गंदगी के कारण वार्ड में—
▪️ मच्छरों और मक्खियों की भरमार हो गई है
▪️ बदबू से लोगों का घरों में रहना मुश्किल हो गया है
▪️ वायरल बुखार, डायरिया, त्वचा रोग और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि छोटे बच्चे और बुजुर्ग सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। कई लोग बीमार पड़ चुके हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
शिकायतें हुईं, सुनवाई नहीं-
वार्डवासियों का कहना है कि उन्होंने कई बार नगर पालिका और संबंधित अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन
✔️ केवल आश्वासन मिले
✔️ मौके पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई
✔️ समस्या जस की तस बनी हुई है
लोगों का आरोप है कि नगर पालिका और नगर परिषद की उदासीनता के कारण वार्ड नंबर 8 को उपेक्षा का शिकार बनाया गया है।
❓ प्रशासन से तीखे सवाल-
▪️ क्या वार्ड नंबर 8 नगर पालिका की सीमा में नहीं आता?
▪️ क्या यहां रहने वाले लोग कर (टैक्स) नहीं देते?
▪️ क्या सफाई व्यवस्था सिर्फ कागजों में चल रही है?
▪️ यदि यहां महामारी फैली तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?
▪️ क्या नगर परिषद सिर्फ चुनिंदा क्षेत्रों तक ही सीमित रह गई है?
वार्डवासियों की मांग-
स्थानीय लोगों की स्पष्ट मांग है कि—
✔️ रोजाना नियमित सफाई कराई जाए
✔️ कचरा उठाने वाली गाड़ी प्रतिदिन भेजी जाए
✔️ निजी स्कूलों द्वारा फैलायी जा रही गंदगी पर कार्रवाई हो
✔️ लापरवाह कर्मचारियों व अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए
यह मामला सिर्फ गंदगी का नहीं, बल्कि नगर पालिका और नगर परिषद की लापरवाही का प्रत्यक्ष प्रमाण है।
यदि समय रहते सफाई व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई, तो यह वार्ड किसी बड़े स्वास्थ्य संकट का केंद्र बन सकता है।
अब सवाल यही है—
क्या नगर पालिका मऊगंज नींद से जागेगी, या वार्ड नंबर 8 के लोग यूं ही गंदगी और बीमारी के बीच जीने को मजबूर रहेंगे?
