Mauganj BJP MLA’s security questioned, Congress launches a major attack on Pradeep Patel’s disappearance
मोबाइल बंद, क्षेत्र से गायब विधायक पर सियासी भूचाल — कांग्रेस ने डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला से इस्तीफे की मांग की
संवाददाता मुस्ताक अहमद
BJP MLA Mauganj रीवा/मऊगंज। – मऊगंज विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के विधायक प्रदीप पटेल के पिछले एक महीने से लापता होने की घटना ने प्रदेश की राजनीति में हलचल मचा दी है। विधायक की लगातार अनुपस्थिति, मोबाइल फोन बंद रहना और सार्वजनिक जीवन से अचानक गायब हो जाना अब केवल भाजपा ही नहीं, बल्कि कांग्रेस के लिए भी गंभीर चिंता का विषय बन गया है।
इसी को लेकर शुक्रवार, 6 फरवरी को प्रदेश कांग्रेस महासचिव गुरमीत सिंह मंगू के नेतृत्व में कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल रीवा पहुंचे और आईजी कार्यालय में ज्ञापन सौंपते हुए विधायक प्रदीप पटेल की गुमशुदगी की FIR दर्ज कराए जाने की मांग की।

“विधायक की गुमशुदगी दर्ज हो, तत्काल तलाश शुरू हो”
कांग्रेस महासचिव गुरमीत सिंह मंगू ने ज्ञापन में मांग की कि
विधायक प्रदीप पटेल की गुमशुदगी की FIR तुरंत दर्ज की जाए, पुलिस द्वारा विशेष टीम गठित कर खोजबीन की जाए
विधायक के PSO (सुरक्षाकर्मी) से तत्काल पूछताछ की जाए कि विधायक आखिर कहां हैं, उन्होंने कहा कि जब एक जनप्रतिनिधि का कोई सुराग नहीं है, तो यह कानून-व्यवस्था पर बड़ा सवाल है।
डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला पर सीधा हमला
कांग्रेस ने इस मामले को लेकर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला।
गुरमीत सिंह मंगू ने कहा—
“प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के पास गृह विभाग है और रीवा के विधायक प्रदेश के उपमुख्यमंत्री हैं। जब ये लोग अपने ही विधायक की सुरक्षा नहीं कर पा रहे, तो आम जनता की सुरक्षा कैसे करेंगे? डिप्टी सीएम को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तुरंत इस्तीफा देना चाहिए।”
आईजी कार्यालय पहुंचे कांग्रेसी, अधिकारी को सौंपा ज्ञापन
कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल जब रीवा आईजी गौरव सिंह राजपूत के कार्यालय पहुंचा तो आईजी मौजूद नहीं थे। इसके बाद कांग्रेसी नेताओं ने वहां मौजूद जिम्मेदार अधिकारी को ज्ञापन सौंपा और जल्द कार्रवाई की मांग करते हुए लौट गए।
कब से गायब हैं विधायक प्रदीप पटेल?
सूत्रों के मुताबिक, विधायक प्रदीप पटेल 3 जनवरी को हाईवे किनारे स्थित दो कांग्रेस नेताओं की जमीन पर पहुंचे थे, जहां किसी बात को लेकर विवाद हो गया था।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार—
▪ विवाद इतना बढ़ गया कि लोगों ने विधायक को वहां से खदेड़ दिया
▪ हालात बिगड़ने पर पुलिस मौके पर पहुंची
▪ विधायक को सुरक्षा के लिहाज से थाने ले जाया गया
इसके बाद से ही विधायक क्षेत्र में नजर नहीं आए और उनका मोबाइल फोन भी लगातार बंद बताया जा रहा है।
राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म
एक महीने से विधायक के सार्वजनिक रूप से सामने न आने से कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं।
▪ क्या विधायक दबाव में हैं?
▪ क्या कोई गंभीर विवाद इसकी वजह है?
▪ या फिर प्रशासनिक स्तर पर मामले को दबाया जा रहा है?
इन तमाम सवालों ने इस पूरे मामले को और ज्यादा संवेदनशील बना दिया है।
