Kidnapping plot foiled: Innocent Pratik found safe after 22 hours at Namo Ghat in Varanasi
मांडा से अगवा छह वर्षीय प्रतीक वाराणसी में सकुशल बरामद; पुरानी रंजिश में रची गई थी साजिश, पुलिस की घेराबंदी देख बदमाश बच्चे को छोड़कर फरार
संवाददाता आलोपी शंकर शर्मा
Update Kidnapping प्रयागराज (मेजा-मांडा)। मांडा थाना क्षेत्र से अपहृत छह वर्षीय मासूम प्रतीक को पुलिस ने करीब 22 घंटे के अथक प्रयास के बाद वाराणसी के नमो घाट से सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस की सक्रियता, तकनीकी निगरानी और लगातार दबिश के चलते अपहरणकर्ताओं की पूरी साजिश नाकाम हो गई। पुलिस की घेराबंदी से घबराए बदमाश मासूम को घाट के पास छोड़कर भीड़ का फायदा उठाते हुए मौके से फरार हो गए।
बताया जा रहा है कि घटना के बाद से ही पुलिस की कई टीमें लगातार बच्चे की तलाश में जुटी थीं। शुरुआती जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि अपहरण फिरौती के लिए नहीं, बल्कि पुरानी खुन्नस और निजी रंजिश के चलते किया गया था।

पुलिस के अनुसार, मासूम प्रतीक की मां आरती का मायका करछना थाना क्षेत्र के बबुरा गांव में है। जांच के दौरान यह बात सामने आई कि अपहरण की साजिश में शामिल लोग उसी गांव के रहने वाले हैं और परिवार से पहले से परिचित भी बताए जा रहे हैं। इसी पहचान का फायदा उठाकर आरोपियों ने बच्चे को अपने साथ ले लिया।
मासूम के सकुशल बरामद होने के बाद पुलिस ने उससे बेहद सावधानीपूर्वक पूछताछ की। बच्चे ने बताया कि उसे उसके मामा और उनके कुछ साथियों ने अपने साथ ले लिया था। हालांकि पुलिस अभी पूरे मामले का आधिकारिक खुलासा नहीं कर रही है और संदिग्ध आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
जांच के दौरान पुलिस को एक अहम सुराग उस मोबाइल नंबर से मिला, जिससे अपहरण के बाद आरोपियों ने प्रतीक की मां आरती को फोन किया था। दिलचस्प बात यह रही कि मां ने उस नंबर को पहले से ही ब्लॉक कर रखा था। जब पुलिस ने मोबाइल की तकनीकी जांच की तो उसी नंबर से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे।
सर्विलांस टीम ने मोबाइल की लोकेशन ट्रैक की तो वह वाराणसी में सक्रिय मिली। इसके बाद प्रयागराज पुलिस की टीमें तुरंत वाराणसी के लिए रवाना हो गईं। वहां पहुंचकर पुलिस ने लोकेशन के आधार पर लगातार छापेमारी शुरू कर दी। पूरी रात पुलिस और बदमाशों के बीच लोकेशन के सहारे चूहे-बिल्ली का खेल चलता रहा। पुलिस ने कई संभावित ठिकानों पर दबिश दी और इलाके की सघन निगरानी जारी रखी।
आखिरकार मोबाइल की सटीक लोकेशन वाराणसी के नमो घाट के आसपास मिलने पर पुलिस ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी। पुलिस की बढ़ती सक्रियता और सख्ती देखकर बदमाश घबरा गए और मासूम को वहीं छोड़कर अंधेरे और भीड़ का फायदा उठाते हुए फरार हो गए। पुलिस ने तुरंत बच्चे को अपने कब्जे में लेकर उसकी सुरक्षा सुनिश्चित की।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरोपियों की तलाश में वाराणसी और आसपास के इलाकों में लगातार छापेमारी की जा रही है। जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।
उधर जैसे ही मासूम प्रतीक के सकुशल बरामद होने की खबर उसके परिवार और गांव तक पहुंची, पूरे इलाके में खुशी की लहर दौड़ गई। कई दिनों से चिंता और बेचैनी में डूबे परिजनों ने राहत की सांस ली। घर पर मौजूद ग्रामीणों और रिश्तेदारों ने मिठाइयां बांटकर खुशी जाहिर की और पुलिस की सराहना करते हुए “पुलिस जिंदाबाद” के नारे लगाए।
पुलिस का कहना है कि अपहरण के पीछे की पूरी साजिश और इसमें शामिल सभी लोगों की भूमिका जल्द ही सामने लाई जाएगी। साथ ही फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
