A wave of faith surged at the Mahadev Temple Pran-Pratishtha Mahotsav, a grand procession enthralled the audience.
ग्राम पंचायत कोटहा-जगेपूर में श्रद्धा और उत्साह के साथ निकली शोभायात्रा, “हर-हर महादेव” के जयघोष से गूंज उठा क्षेत्र
संवाददाता – आलोपी शंकर शर्मा
Meja Update :- मेजा उरुवा:- ग्राम पंचायत कोटहा जगेपूर में धर्म और आस्था की अनुपम मिसाल पेश करते हुए ग्राम पंचायत कोटहा जगेपूर में महादेव मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव के अवसर पर भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने सहभागिता की और पूरा क्षेत्र “हर-हर महादेव” के जयकारों से गूंज उठा।
जहां एक ओर धर्म को राजनीति से जोड़ने की चर्चाएं होती रहती हैं, वहीं दूसरी ओर इस आयोजन ने यह साबित कर दिया कि हिंदू धर्म की असली शक्ति उसकी आस्था और संस्कृति में निहित है। महादेव की महिमा शब्दों में नहीं समाई जा सकती—तंत्र, मंत्र और साधना के सर्वोच्च देव के रूप में शिव को माना गया है। ग्रामीणों ने भक्ति भाव से यह संदेश दिया कि जिन पर भोलेनाथ की कृपा हो, वे कभी अनाथ नहीं होते।

प्राण-प्रतिष्ठा समारोह का आयोजन संगम लाल पाण्डेय द्वारा किया गया, जिन्होंने एक बार फिर क्षेत्र की जनता को आस्था के सागर में सराबोर कर दिया। शोभायात्रा के दौरान ढोल-नगाड़ों, धार्मिक झांकियों और जयघोषों के साथ श्रद्धालु पूरे उत्साह में नजर आए। गांव की गलियों से गुजरती यह यात्रा श्रद्धा, संस्कृति और एकता का जीवंत उदाहरण बनी।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले पिछले वर्ष ग्राम पंचायत जगेपूर में हनुमान मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा का आयोजन सुरेश चंद्र पाण्डेय द्वारा भव्य रूप से किया गया था, जिसकी चर्चा आज भी क्षेत्र में होती है। लगातार हो रहे ऐसे धार्मिक आयोजनों से ग्राम पंचायत कोटहा-जगेपूर मेजा क्षेत्र में धार्मिक आस्था का केंद्र बनता जा रहा है।
इस कार्यक्रम में प्रमुख रूप से आयोजक संगम लाल पाण्डेय, जयशंकर पाण्डेय, प्रविण पाण्डेय, शुभम मिश्रा, दीपक पाण्डेय, विकास पाण्डेय, शुभम पाण्डेय, प्राशू पाण्डेय, अर्पित पाण्डेय ( नंदन) सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि जगेपूर की पहचान अब केवल एक गांव के रूप में नहीं, बल्कि आस्था और धर्म की मिसाल के रूप में हो रही है।
महादेव मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा शोभायात्रा ने यह संदेश दिया कि जब श्रद्धा, सेवा और समर्पण एक साथ जुड़ते हैं, तब समाज में सकारात्मक ऊर्जा और एकता का संचार होता है।
