A grand security plan for the Magh Mela, eight emergency plans will be implemented in case of an emergency.
प्रमुख स्नान पर्वों पर शहर रहेगा नो-व्हीकल जोन, 22 सामान्य पर्वों पर भी लागू होगा ट्रैफिक प्लान, ग्रीन कॉरिडोर की विशेष व्यवस्था
ब्यूरो रिपोर्ट
माघ मेला प्रयागराज। Magh Mela 2026 को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुचारु ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा और यातायात प्रबंधन योजना तैयार की है। श्रद्धालुओं के नियंत्रित आगमन और सुरक्षित वापसी को ध्यान में रखते हुए प्रमुख स्नान पर्वों पर मेला क्षेत्र के साथ-साथ पूरे शहर को नो-व्हीकल जोन घोषित किया जाएगा। इसके अलावा 22 सामान्य स्नान पर्वों पर भी विशेष ट्रैफिक प्लान लागू रहेगा। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आठ इमरजेंसी प्लान तैयार किए गए हैं, जिनमें ग्रीन कॉरिडोर की व्यवस्था भी शामिल है।
बताया गया कि तीन जनवरी 2026 से शुरू होने वाला माघ मेला 44 दिनों तक चलेगा, जिसमें कुल छह प्रमुख स्नान पर्व होंगे। इन पर्वों पर सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती जाएगी। इस बार मेला क्षेत्र को पहले की तुलना में और अधिक व्यवस्थित करते हुए तीन के बजाय पांच जोन में विभाजित किया गया है। प्रत्येक जोन में एएसपी स्तर के अधिकारी तैनात रहेंगे। वहीं सर्किल की संख्या आठ से बढ़ाकर नौ कर दी गई है, जिनमें डीएसपी तैनात होंगे।
मेला क्षेत्र में सुरक्षा ढांचे को भी मजबूत किया गया है। थानों की संख्या 14 से बढ़ाकर 17, चौकियों की संख्या 40 से बढ़ाकर 42 तथा स्नान घाटों की संख्या 24 से बढ़ाकर 31 कर दी गई है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 42 पार्किंग स्थल बनाए गए हैं, जहां लगभग 1 लाख 30 हजार वाहनों के खड़े होने की व्यवस्था होगी। इसके अलावा पुलिस लाइन और यातायात लाइन की स्थापना भी पूरी कर ली गई है। खोया-पाया केंद्रों की संख्या बढ़ाकर सात कर दी गई है।
सुरक्षा के मद्देनजर मेला क्षेत्र में कुल 250 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, जिनमें से 150 एआई आधारित होंगे। वहीं शहर भर में पहले से 1152 सीसीटीवी कैमरे सक्रिय हैं। मेला के सभी 17 थानों पर साइबर हेल्प डेस्क और महिला हेल्प डेस्क की भी व्यवस्था की गई है, ताकि श्रद्धालुओं की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जा सके।
एसपी मेला नीरज पांडेय ने जानकारी देते हुए बताया कि आपात स्थिति में क्रमवार आठ इमरजेंसी प्लान लागू किए जाएंगे।
पहले प्लान के तहत संगम पर दबाव बढ़ने की स्थिति में श्रद्धालुओं को रामघाट और हनुमान घाट की ओर मोड़ा जाएगा।
दूसरे प्लान में झूंसी की ओर से संगम की एंट्री बंद की जाएगी।
तीसरे प्लान के तहत श्रद्धालुओं को फोर्ट रोड, जीटी जवाहर से पटेल संस्थान होते हुए काली मार्ग-दो से भेजा जाएगा।
चौथे प्लान के अनुसार सीएमपी से भीड़ को जार्जटाउन थाना, सोहबतियाबाग डाट पुल की ओर डायवर्ट किया जाएगा।
पांचवें प्लान में मेडिकल चौराहा से बक्शी बांध और नागवासुकी की ओर प्रवेश दिया जाएगा।
छठे प्लान के तहत पुराने शहर से आने वाले श्रद्धालुओं को पुराने पुल से अरैल की ओर भेजा जाएगा।
सातवें प्लान के तहत हनुमान मंदिर और अक्षयवट के दर्शन अस्थायी रूप से बंद किए जाएंगे।
आठवें और अंतिम प्लान में नावों का संचालन बंद कर दिया जाएगा।
पुलिस प्रशासन का दावा है कि इन व्यापक इंतजामों के जरिए माघ मेला 2026 को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और श्रद्धालु-अनुकूल बनाया जाएगा, ताकि करोड़ों श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के आस्था की डुबकी लगा सकें।
