Prayagraj to become a global tourist destination; Magh Mela 2026 expected to attract 150 million pilgrims
महाकुंभ 2025 की ऐतिहासिक सफलता के बाद माघ मेला 2026 की भव्य तैयारी, 95 करोड़ का बजट, थीम आधारित बसावट और ग्लोबल ब्रांडिंग पर जोर
ब्यूरो रिपोर्ट
(Prayagraj Kumbh ) प्रयागराज। – उत्तर प्रदेश को पर्यटन के वैश्विक मानचित्र पर स्थापित करने के लिए योगी आदित्यनाथ सरकार निरंतर प्रयासरत है। इन्हीं प्रयासों का परिणाम है कि संगम नगरी प्रयागराज अब तेजी से ग्लोबल टूरिस्ट डेस्टिनेशन के रूप में उभर रही है। यूनेस्को द्वारा प्रयागराज महाकुंभ को मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत का दर्जा दिए जाने के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसकी पहचान और भी सशक्त हुई है।
महाकुंभ 2025 की दिव्य, भव्य और स्वच्छ व्यवस्था ने देश–विदेश के करोड़ों श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षित किया। इसी अनुभव और सफलता को आधार बनाकर प्रशासन अब माघ मेला 2026 को वैश्विक स्तर का आयोजन बनाने की दिशा में विस्तृत रोडमैप पर कार्य कर रहा है।
पर्यटकों की संख्या में ऐतिहासिक उछाल-
आंकड़े इस बदलाव की गवाही दे रहे हैं। वर्ष 2022 में प्रयागराज में पर्यटकों की संख्या जहां 2.66 करोड़ थी, वहीं जनवरी से सितंबर 2025 के बीच यह बढ़कर 68.21 करोड़ तक पहुंच गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वयं माघ मेला 2026 में 12 से 15 करोड़ श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों के आने का अनुमान जताया है, जो अब तक के सभी माघ मेलों की तुलना में तीन गुना से भी अधिक है।
माघ मेला 2026: सिर्फ धार्मिक आयोजन नहीं-
प्रशासन के अनुसार, माघ मेला 2026 अब केवल एक पारंपरिक धार्मिक आयोजन नहीं रहेगा, बल्कि यह भारत की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक विरासत और सशक्त प्रशासनिक क्षमता का वैश्विक मंच पर प्रदर्शन करेगा। अंतरराष्ट्रीय ब्रांडिंग, डिजिटल प्रचार और महाकुंभ की वैश्विक पहुंच का सीधा लाभ माघ मेले को मिलने वाला है।
95 करोड़ का बजट, थीम आधारित भव्य आयोजन-
महाकुंभ के बाद अब माघ मेले की ब्रांडिंग को भी प्राथमिकता दी गई है। बढ़ती भीड़ और वैश्विक आकर्षण को देखते हुए माघ मेला 2026 का बजट बढ़ाकर 95 करोड़ रुपये कर दिया गया है, जबकि 2024 में यह 79.8 करोड़ रुपये था।
कमिश्नर प्रयागराज सौम्या अग्रवाल के अनुसार, इस बार माघ मेले की बसावट और सजावट विशेष ‘7 की थीम’ पर आधारित होगी।
टेंट सिटी, घाटों की साज-सज्जा, एलईडी लाइटिंग, सांस्कृतिक मंच, थीमेटिक पार्क, स्वागत द्वार, आर्ट इंस्टॉलेशन और सार्वजनिक सुविधाओं में आध्यात्मिकता और सांस्कृतिक वैभव की स्पष्ट झलक देखने को मिलेगी।
ग्लोबल पहचान की ओर प्रयागराज-
महाकुंभ 2025 के बाद अब माघ मेला 2026 प्रयागराज को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर एक नई ऊंचाई देने जा रहा है। प्रशासन का लक्ष्य है कि संगम नगरी न केवल आस्था का केंद्र बने, बल्कि विश्व स्तर पर भारत की सांस्कृतिक राजधानी के रूप में अपनी पहचान स्थापित करे।
