Teenage girl kidnapped in broad daylight in Meja, open challenge to police: Public anger erupted on the highway, family members blocked the road.
मिश्रा मार्केट के पास स्कार्पियो सवार बदमाशों की दबंगई; पुलिस पर लापरवाही के आरोप, आक्रोशित ग्रामीणों ने ईंट-पत्थर रखकर रोका प्रयागराज-मिर्जापुर हाईवे
संवाददाता आलोपी शंकर शर्मा
Crime Update Meja Prayagraj – प्रयागराज के मांडा थाना क्षेत्र में शुक्रवार को दिनदहाड़े किशोरी के अपहरण की घटना ने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। बाजार से घर लौट रही 17 वर्षीय किशोरी को स्कार्पियो सवार बदमाशों ने सरेआम अगवा कर लिया। घटना के बाद जहां पूरे इलाके में दहशत फैल गई, वहीं परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा भी फूट पड़ा। नाराज लोगों ने प्रयागराज-मिर्जापुर हाईवे पर चक्काजाम कर पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि इलाके में लगातार बढ़ रही गुंडागर्दी और पुलिस की कथित लापरवाही के चलते बदमाशों के हौसले बुलंद हो गए हैं। दिनदहाड़े बाजार के पास हुई यह वारदात मानो पुलिस प्रशासन को खुली चुनौती साबित हो रही है।

जानकारी के अनुसार मांडा क्षेत्र के एक गांव की 17 वर्षीय किशोरी शुक्रवार सुबह अपनी 12 वर्षीय छोटी बहन के साथ उंचाडीह बाजार गई थी। सुबह करीब 11 बजे दोनों बहनें पैदल घर लौट रही थीं। जैसे ही वे मेजा क्षेत्र के मिश्रा मार्केट के पास पहुंचीं, तभी अचानक एक स्कार्पियो वहां आकर रुकी। वाहन में सवार बदमाशों ने किशोरी को जबरन खींचकर गाड़ी में बैठा लिया और पलक झपकते ही मौके से फरार हो गए। छोटी बहन के शोर मचाने पर आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
घटना की सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। परिजनों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद पुलिस ने तत्काल सक्रियता नहीं दिखाई, जिससे लोगों का गुस्सा और भड़क गया। आक्रोशित ग्रामीणों ने गांव के सामने प्रयागराज-मिर्जापुर हाईवे-35 पर ईंट-पत्थर रखकर चक्काजाम कर दिया और “पुलिस मुर्दाबाद” के नारे लगाते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
हाइवे जाम होते ही दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह ठप हो गया। कई घंटों तक सड़क पर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। लोगों का कहना था कि अगर पुलिस समय रहते क्षेत्र में गश्त और निगरानी बढ़ाती तो शायद इतनी बड़ी घटना को रोका जा सकता था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मेजा एसीपी एसपी उपाध्याय, मांडा थाना प्रभारी दीनदयाल सिंह और मेजा थाना प्रभारी अनिल कुमार वर्मा भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की और जल्द कार्रवाई का भरोसा दिलाया। काफी समझाने-बुझाने और कड़ी कार्रवाई के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने चक्काजाम समाप्त किया।
मेजा एसीपी एसपी उपाध्याय ने बताया कि घटना की गंभीरता से जांच की जा रही है। हाईवे और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और संदिग्ध वाहनों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही बदमाशों को गिरफ्तार कर किशोरी को सुरक्षित बरामद कर लिया जाएगा।
हालांकि इस घटना ने क्षेत्र की कानून-व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। दिनदहाड़े बाजार के बीच से किशोरी का अपहरण होना न सिर्फ आम लोगों में भय का माहौल पैदा कर रहा है, बल्कि यह भी दर्शा रहा है कि बदमाशों के हौसले किस कदर बुलंद हो चुके हैं। अब लोगों की निगाहें पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हैं कि आखिर कब तक आरोपियों को गिरफ्तार कर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाया जाएगा
