An objectionable comment on a former mayor’s Facebook post sparked an uproar. An FIR was filed, suspecting a conspiracy. Several police teams were actively searching for the accused.
मंत्री नंदी पर हमले के मुकदमे की सुनवाई अंतिम चरण में, संवेदनशील समय में की गई टिप्पणियों को पुलिस मान रही है सुनियोजित षड्यंत्र
ब्यूरो रिपोर्ट
Political Social News प्रयागराज।- प्रयागराज की पूर्व महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी की फेसबुक पोस्ट पर आपत्तिजनक और अमर्यादित टिप्पणियां करने का मामला सामने आने के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल मच गई है। इस मामले में कोतवाली थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए कई टीमों का गठन किया गया है।
पुलिस के अनुसार, यह टिप्पणियां किसी सामान्य शरारत का हिस्सा नहीं बल्कि एक गहरी साजिश हो सकती हैं, जिसका उद्देश्य सामाजिक सौहार्द बिगाड़ना और एक प्रतिष्ठित जनप्रतिनिधि की छवि को नुकसान पहुंचाना है।
📌 मीडिया सलाहकार ने दी तहरीर
पूर्व महापौर की मीडिया सलाहकार पूनम अग्रवाल ने कोतवाली थाने में तहरीर देते हुए बताया कि अभिलाषा गुप्ता नंदी के फेसबुक पेज पर 3.57 लाख से अधिक फॉलोअर्स हैं। इसके अलावा इंस्टाग्राम और एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर भी उनके लाखों अनुयायी हैं। ऐसे में सार्वजनिक मंच पर इस तरह की टिप्पणियां न केवल आपत्तिजनक हैं बल्कि समाज में नफरत और भ्रम फैलाने की कोशिश भी मानी जा रही हैं।
📌 शैलेश श्रीवास्तव नाम की आईडी से किए गए कमेंट
पिछले दो-तीन दिनों में “शैलेश श्रीवास्तव” नाम से चल रही फेसबुक आईडी से पूर्व महापौर की कई पोस्टों पर बेहद आपत्तिजनक और अशोभनीय टिप्पणियां की गईं।
इस आईडी के एड्रेस सेक्शन में महाराष्ट्र (पुणे) और इलाहाबाद अंकित है। हालांकि, प्रोफाइल लॉक होने के कारण विस्तृत जानकारी फिलहाल उपलब्ध नहीं हो सकी है।
पुलिस अब साइबर सेल की मदद से यह पता लगाने में जुटी है कि यह आईडी वास्तविक है या फर्जी, और इसे संचालित करने वाला व्यक्ति कहां से और किस उद्देश्य से यह हरकत कर रहा है।
📌 मंत्री नंदी पर हमले के केस से जोड़ा जा रहा मामला
एफआईआर में यह भी उल्लेख किया गया है कि पूर्व महापौर के पति और प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ पर
12 जुलाई 2010 को आरडीएक्स रिमोट बम से प्राणघातक हमला किया गया था।
इस आतंकी हमले में उनके सिविल गनर सहित दो लोगों की मौत हुई थी।
यह मामला अभी न्यायालय में विचाराधीन है और सुनवाई अंतिम चरण में चल रही है। ऐसे संवेदनशील समय में सोशल मीडिया पर इस प्रकार की टिप्पणियों को पुलिस गंभीरता से ले रही है।
🚨 साजिश की आशंका, हर एंगल से जांच-
तहरीर में आशंका जताई गई है कि मुकदमे में संभावित कार्रवाई से बचने या दबाव बनाने के उद्देश्य से यह टिप्पणियां सुनियोजित षड्यंत्र के तहत कराई गई हो सकती हैं।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच हर एंगल से की जा रही है —
✔ साइबर तकनीकी जांच
✔ आईडी की लोकेशन ट्रेस
✔ संभावित राजनीतिक या आपराधिक कनेक्शन
✔ पहले से दर्ज मामलों से लिंक
🛑 पुलिस का बयान –
कोतवाली पुलिस के अनुसार,
“आरोपी की पहचान कर उसे जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। सोशल मीडिया पर इस तरह की हरकत करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।”
