गंगा‑यमुना का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर — हजारों घर जलमग्न,
संवाददाता – विनय मिश्रा
प्रयागराज, नैनी : प्रयागराज में गंगा और यमुना नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है और खतरे के निशान को पार कर चुका है। शनिवार शाम 4 बजे तक नैनी में यमुना का जलस्तर 85.05 मीटर दर्ज किया गया, जबकि खतरे का निशान 84.73 मीटर है। जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी के कारण शहर के निचले इलाके जलमग्न हो गए हैं, जिससे हजारों घरों में पानी घुस गया है और प्रशासन ने आपातकालीन स्थिति घोषित कर दी है।
जलस्तर में चिंताजनक बढ़ोतरी
प्रशासन का अनुमान है कि रविवार शाम तक जलस्तर 86 मीटर को पार कर सकता है। बीते 24 घंटे में यमुना का जलस्तर 116 सेमी और फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 146 सेमी बढ़ा है। छतनाग में भी गंगा का जलस्तर 84.05 मीटर दर्ज किया गया है, जिसमें 113 सेमी की बढ़ोतरी दर्ज हुई।
दोपहर 12 बजे तक जलस्तर स्थिति:
नैनी (यमुना): 84.90 मीटर
फाफामऊ (गंगा): 84.84 मीटर
छतनाग (गंगा): 84.20 मीटर
शाम 4 बजे तक जलस्तर:
नैनी (यमुना): 85.05 मीटर
फाफामऊ (गंगा): 84.96 मीटर
छतनाग (गंगा): 84.32 मीटर
प्रशासनिक अलर्ट और राहत कार्य तेज
तेजी से बिगड़ती स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने पूरे दिन क्षेत्र का निरीक्षण किया और जलभराव वाले इलाकों में 10 राहत शिविर स्थापित किए गए। प्रशासनिक अधिकारी, आपदा प्रबंधन दल, और एनडीआरएफ की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में मदद पहुंचाने में जुटी हैं।
कछारी इलाकों में सबसे ज्यादा असर
गंगा और यमुना का पानी अब कछारी इलाकों से निकलकर रिहायशी इलाकों में घुसने लगा है। इससे हजारों परिवारों को घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ी है। विशेष रूप से नैनी, फाफामऊ और छतनाग के निचले हिस्सों में हालात गंभीर होते जा रहे हैं।
निगरानी और अलर्ट जारी
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों से बचें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। जलस्तर की लगातार निगरानी की जा रही है और जरूरत पड़ने पर अधिक राहत शिविर और नौका सेवा शुरू करने की तैयारी है।
