नदी ने छीन ली जिंदगियां! मऊगंज में घाट पर नहाने गए किशोर डूबे, घर में पसरा मातम, गर्मी से राहत की जगह मिली मौत
संवादाता – मुस्ताक अहमद
मऊगंज :- सतना, सीधी की तरह ही एक और बड़ी घटना मऊगंज में घटी है. 30 फीट गड्ढे में दो मासूम की गई जान . दोनों की दर्दनाक मौत ग्रामीणों ने पंचायत पर लगाया आरोप
मऊगंजः जिला मुख्यालय से महज एक किलोमीटर की दूरी पर स्थित बजरंगबली घाट पर रविवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। गर्मी से राहत पाने के लिए 3 किशोर नदी में नहाने के लिए गए थे। उनको नहीं पता था कि यह उनका आखिरी स्नान बन जाएगा। देखते ही देखते तीनों किशोर पानी में डूब गए। जैसे ही बच्चों की मौत का पता चला तो मौके पर चीख-पुकार मच गई ।

हादसे का पता चलते ही पहले घाट पर फिर अस्पताल परिसर पर बच्चों के परिवारवालों का रो-रोकर बुरा हाल है। सैकड़ों लोग घटनास्थल के बाद अस्पताल परिसर पर जमा हो गए। हादसे के चलते जहां हर आंख नम और दिल स्तब्ध है।वहीं, इलाके में मातम पसरा हुआ है।
डूबने वालों में दो सगे भाई अमन तिवारी (18 वर्ष) और अभय तिवारी (17 वर्ष) है। वहीं, तीसरा युवक, जो उनका रिश्तेदार बताया जा रहा है। मामा का बेटा अभिषेक मिश्रा (24 साल) भी इस हादसे का शिकार हुआ। तीनों सुबह सैर करते हुए निहाई नदी के घाट की ओर गए थे और वहां नहाने का निर्णय लिया। घाट में नहाने के दौरान अभिषेक डूबने लगा उसको बचाने के चक्कर में दोनों सगे भाई भी डूब गए।
प्रशासन में हड़कंप मचा
घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया। कलेक्टर संजय जैन स्वयं मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य की कमान संभाली। पुलिस और होमगार्ड की टीमें तुरंत मौके पर तैनात कर दी गईं। तलाशी के बाद प्रशासन ने तीनों शव बरामद कर सिविल अस्पताल भेज कर पीएम के उपरांत परिजनों को सौंप दिया जाएगा।
मध्य प्रदेश के सतना और सीधी में तालाब में डूबने से मासूम बच्चों की मौत का मामला अभी शांत नहीं हुआ था कि अब एक ऐसा ही घोर लापरवाही का मामला मऊगंज जिले से आया है. बता दें, इन दोनों जिलों में घटी घटनाओं में कुल पांच नाबालिग बच्चों की मौत तालाब और गड्ढे में डूबने से हुई थी.
मऊगंज जिले के लौर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत कनकेसरा में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां पानी से भरे एक गहरे गड्ढे में डूबने से दो मासूम बच्चों की जान चली गई. यह हादसा उस स्थान पर हुआ, जहां वर्षों पूर्व पंचायत द्वारा माटी निकालने के लिए खुदाई की गई थी. ग्रामीणों के अनुसार, यह गड्ढा लगभग 25 से 30 फीट गहरा है, जिसमें हर मौसम में पानी भरा रहता है. इस समय भी इसमें करीब 20 फीट पानी मौजूद है.
खेलते-खेलते बिछिया नदी की ओर चले गए
घटना के दिन कमलेश सेन का 8 वर्षीय पुत्र अमन सेन और उसका 10 वर्षीय भांजा पूरव सेन खेलते-खेलते बिछिया नदी की ओर चले गए. अनजाने में वे गहरे गड्ढे की और बढ़े और फिसलकर उसमें गिर गए. दुर्भाग्यवश, दोनों बच्चे पानी में डूब गए और उनकी मौत हो गई.
बताया गया कि घटना के समय कमलेश सेन के घर में शादी समारोह चल रहा था, जिससे परिजन व्यस्त थे. जब देर शाम तक बच्चे दिखाई नहीं दिए, तो परिवारवालों ने आसपास खोजबीन शुरू की. पूरी रात ढूंढने के बावजूद बच्चों का कुछ पता नहीं चला. अगले दिन दोपहर में स्थानीय लोगों ने गड्ढे में बच्चों की लाश तैरती देखी, जिसकी सूचना तुरंत सरपंच द्वारा लौर थाना पुलिस को दी गई.
केस 1: सतना के रीछुल गांव में तीन नाबालिग बहनों की मौत के बाद पूरे जिले में हड़कंप मचा हुआ है. वहीं, गांव में शोक की लहर छाई हुई है. यह घटना 12-13 अप्रैल के बीच की थी. इस घटना के बाद मानों नागौद क्षेत्र में शोक की लहर छा गई थी. चौरसिया परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट गया था. बड़ी बात ये है कि यहां भी पंचायत की लापरवाही सामने आई थी. मिट्टी खनन के बाद गड्ढे की फिलिंग नहीं की गई थी. जिससे बरसात का पानी तालाब के पास स्थित गड्ढें में जमा हो गया. और इसी गड्ढें में तीन मासूम बहनों की मौत हो गई डूबने से .
केस 2: 13 अप्रैल के दिन ही सीधी में घर से महुआ बीनने के लिए दो बहने गईं थी. तालाब में नहाने के दौरान दोनों बहनें तालाब में डूब जाती है. दोनों की दर्दनाक मौत हो गई. आखिर ऐसे तालाबों में कब तक प्रदेश की मासूम बेटियों की जान जाती रहेगी.
ग्रामीणों ने की सुरक्षा की मांग
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पंचनामा कार्रवाई करते हुए शवों को पोस्टमार्टम के लिए मऊगंज स्वास्थ्य केंद्र भिजवाया. इस हृदयविदारक हादसे के बाद ग्रामीणों ने पंचायत से मांग की है कि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए गड्ढे के चारों ओर मजबूत जाली या दीवार बनाई जाए. ग्रामीणों का कहना है कि जिनका जाना था वो चले गए, मगर अब और किसी मां की गोद सूनी न हो, इसके लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।
