Illegal encroachments on forest land in Prayagraj, 1133 people occupy 108 hectares
मेजा रेंज में सबसे ज्यादा अतिक्रमण; 147 लोगों को नोटिस, 986 अन्य पर भी जल्द कार्रवाई, जवाब संतोषजनक न मिलने पर होगी बेदखली
संवाददाता – नीरज कुमार शर्मा
Meja Prayagraj मेजा प्रयागराज:- प्रयागराज में सरकारी जमीनों पर कब्जा जमाने वाले भू-माफियाओं ने अब जंगलों की जमीन पर भी अतिक्रमण कर लिया है। जिले में वन विभाग की करीब 108.076 हेक्टेयर भूमि पर 1133 लोगों ने अवैध कब्जा कर रखा है, जिससे विभाग में चिंता बढ़ गई है। कई स्थानों पर पहले झोपड़ी और कच्ची कोठरियां बनाकर कब्जा शुरू किया गया, जो समय के साथ पक्के मकानों में तब्दील हो गए।

मेजा रेंज में सबसे ज्यादा कब्जे
वन विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में कुल 19,661.398 हेक्टेयर वन भूमि है, जिसकी देखरेख नौ रेंज के माध्यम से की जाती है। इनमें मेजा रेंज सबसे ज्यादा प्रभावित है, जहां बड़ी संख्या में वन भूमि पर अवैध कब्जे पाए गए हैं। इसके अलावा शंकरगढ़ क्षेत्र में भी कई स्थानों पर अतिक्रमण सामने आया है।
ढाई से तीन दशक पुराने हैं कई कब्जे
अधिकारियों के मुताबिक इन अतिक्रमणों में से अधिकतर करीब ढाई से तीन दशक पुराने हैं। शुरुआत में लोगों ने जंगल की जमीन पर अस्थायी झोपड़ियां डालकर कब्जा किया था। उस समय सख्ती नहीं होने के कारण धीरे-धीरे ये अस्थायी ढांचे स्थायी निर्माण में बदल गए और कई जगह पक्के मकान बन गए।
147 अतिक्रमणकारियों को भेजा गया नोटिस
वन विभाग ने अब अवैध कब्जों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। विभाग की ओर से 12.2465 हेक्टेयर भूमि पर कब्जा किए बैठे 147 लोगों को नोटिस जारी किया गया है और उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है। कुछ लोगों ने अपने जवाब भी दिए हैं, जिनकी जांच की जा रही है।
986 अन्य कब्जेदारों पर भी जल्द कार्रवाई
विभाग के मुताबिक अभी 986 अवैध कब्जेदारों पर कार्रवाई बाकी है। जल्द ही इन्हें भी नोटिस जारी किए जाएंगे और कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए अवैध कब्जों को हटाने की कार्रवाई की जाएगी।
कुछ मामले अदालत में भी विचाराधीन
वन भूमि पर अवैध कब्जे से जुड़े 9.69 हेक्टेयर जमीन के सात मामले अदालत में भी चल रहे हैं। इन मामलों में न्यायिक प्रक्रिया के तहत सुनवाई जारी है।
पिछले वर्ष 27.55 हेक्टेयर भूमि कराई गई खाली
वन विभाग ने पिछले वर्ष भी अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया था। नवंबर से दिसंबर के बीच करीब 27.55 हेक्टेयर वन भूमि को कब्जामुक्त कराया गया, जिस पर लगभग 20 लोगों ने अवैध कब्जा कर रखा था। इससे पहले जिले में वन भूमि पर कुल अतिक्रमण का आंकड़ा करीब 135 हेक्टेयर था।
वन विभाग ने सख्त कार्रवाई के दिए संकेत
प्रभागीय वन अधिकारी अरविंद कुमार ने बताया कि वन विभाग की जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। कुछ जमीन पहले ही खाली कराई जा चुकी है और बाकी जमीनों को भी जल्द ही अतिक्रमण से मुक्त कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि वन भूमि पर अवैध कब्जा किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
