Cleaning workers stage a massive protest in Prayagraj, demanding the repeal of four labor codes and a minimum wage of 26,000 rupees.
देशव्यापी आम हड़ताल के समर्थन में नगर निगम तक निकाला जुलूस, श्रमिक विरोधी नीतियों के खिलाफ सौंपा ज्ञापन
संवाददाता नीरज कुमार शर्मा
Prayagraj Update प्रयागराज :- प्रयागराज में गुरुवार को सफाई मजदूर एकता मंच (ऐक्टू संबद्ध) के बैनर तले सफाई कर्मचारियों ने देशव्यापी आम हड़ताल के समर्थन में जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी तेलियरगंज से जुलूस की शक्ल में नगर निगम प्रयागराज पहुंचे और केंद्र सरकार की श्रम नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके बाद कर्मचारी पत्थर गिरिजाघर पर संयुक्त ट्रेड यूनियनों के प्रदर्शन में भी शामिल हुए।
प्रदर्शनकारियों ने चार श्रम कोड को वापस लेने, न्यूनतम मजदूरी 26 हजार रुपये प्रतिमाह लागू करने, सभी कर्मचारियों को स्थायी करने, पुराने श्रम कानूनों को बहाल करने और मनरेगा को प्रभावी रूप से लागू करने की मांग की। कर्मचारियों का कहना था कि मौजूदा श्रम नीतियां मजदूरों के अधिकारों को कमजोर कर रही हैं।

सफाई मजदूर एकता मंच के अध्यक्ष बलराम पटेल ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकारी नीतियों के कारण मजदूरों और किसानों के अधिकारों पर सीधा हमला हो रहा है। उन्होंने कहा कि आजादी से पहले और बाद में मजदूरों ने लंबे संघर्ष के जरिए जो अधिकार हासिल किए थे, उन्हें श्रम संहिताओं के माध्यम से खत्म किया जा रहा है।
ऐक्टू के जिला सचिव कामरेड देवानंद ने कहा कि मजदूर और किसान विरोधी कानूनों के खिलाफ देशभर में आंदोलन तेज किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार श्रमिकों के अधिकारों को सीमित करने का प्रयास कर रही है, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
मंच के सचिव संतोष कुमार ने नगर निगम में कार्यरत नियमित, संविदा और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
ज्ञापन में आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के लिए 26 हजार रुपये न्यूनतम वेतन लागू करने, वर्ष 2006 से कार्यरत संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण, सफाई कर्मचारियों को पदोन्नति के साथ नियुक्ति पत्र प्रदान करने, पुरानी पेंशन योजना बहाल करने तथा नगर निगम में स्थायी नियुक्तियां करने की मांग शामिल रही।
प्रदर्शन के दौरान संगठन के कई पदाधिकारी और सैकड़ों सफाई कर्मचारी मौजूद रहे। कर्मचारियों ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन स्थानीय प्रशासन को सौंपकर अपनी मांगों को गंभीरता से लेने की अपील की।
सफाई कर्मचारियों का यह प्रदर्शन न केवल वेतन और नियमितीकरण की मांग तक सीमित रहा, बल्कि श्रमिक अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट संघर्ष का संदेश भी देता नजर आया।
