Dry taps, thirsty passengers at Meja Road railway station – water crisis creates panic on platform number four
हजारों यात्रियों की रोज़ाना आवाजाही के बावजूद पानी की सप्लाई ठप, शिकायतों के बाद भी नहीं हुआ स्थायी समाधान
संवाददाता नीरज कुमार शर्मा
Meja Road Railway station मेजा रोड:- मेजारोड रेलवे स्टेशन पर इन दिनों पानी की भारी किल्लत ने यात्रियों की परेशानी बढ़ा दी है। खास तौर पर प्लेटफॉर्म नंबर चार पर पानी की टंकी से नलों में सप्लाई न होने के कारण यात्रियों को पीने के पानी और अन्य जरूरी जरूरतों के लिए भटकना पड़ रहा है। यात्रियों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया।
गौरतलब है कि मेजारोड रेलवे स्टेशन से प्रतिदिन हजारों की संख्या में यात्री सफर करते हैं। लंबी दूरी की ट्रेनों का ठहराव होने के कारण यहां यात्रियों की भीड़ बनी रहती है। ऐसे में नलों में पानी न आना आम यात्रियों, बुजुर्गों और बच्चों के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है। कई दिनों से प्लेटफॉर्म नंबर चार पर नल पूरी तरह सूखे पड़े हैं, जिससे लोग बोतलबंद पानी खरीदने को मजबूर हैं।

प्रयागराज की ओर रोज़ाना सफर करने वाले यात्री सुधांशु कुमार ने बताया कि स्टेशन पर पानी न मिलने से यात्रियों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है। उन्होंने कहा कि गर्मी और भीड़ के बीच पानी की व्यवस्था न होना रेलवे प्रशासन की लापरवाही को दर्शाता है। यात्रियों का कहना है कि स्टेशन जैसे सार्वजनिक स्थान पर पानी जैसी बुनियादी सुविधा का अभाव बेहद शर्मनाक है।
यात्रियों ने यह भी आरोप लगाया कि कई बार स्टेशन प्रशासन को इस समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन केवल आश्वासन ही मिला। समस्या जस की तस बनी रही, जिससे यात्रियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
इस संबंध में स्टेशन अधीक्षक सुनील कुमार ने सफाई देते हुए कहा कि रेलवे स्टेशन पर पानी की कोई स्थायी समस्या नहीं है। टंकी की साफ-सफाई का कार्य चल रहा था, इसी वजह से कुछ समय के लिए सप्लाई बाधित हुई थी। अब पानी की सप्लाई सुचारू रूप से शुरू कर दी गई है और यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।
हालांकि, यात्रियों का कहना है कि अगर समय रहते वैकल्पिक व्यवस्था की जाती तो उन्हें परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता। अब देखना होगा कि रेलवे प्रशासन के दावे जमीनी हकीकत में कितने कारगर साबित होते हैं।
यात्रियों ने मांग की है कि भविष्य में इस तरह की समस्या दोबारा न हो, इसके लिए स्थायी और मजबूत व्यवस्था की जाए।
