Bribery officer exposed: SDO of Electricity Department arrested red-handed while accepting Rs 10,000
खुसरोबाग विद्युत उपकेंद्र में एंटी करप्शन का छापा, जिले से लेकर निचले स्तर तक फैली लापरवाही और भ्रष्टाचार की खुली पोल
संवाददाता आलोपी शंकर शर्मा
Crime Update Prayagraj प्रयागराज:- प्रयागराज में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एंटी करप्शन टीम ने खुसरोबाग विद्युत उपकेंद्र के एसडीओ को 10 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई से बिजली विभाग में हड़कंप मच गया है और कर्मचारियों-अधिकारियों के बीच खलबली मची हुई है।
गिरफ्तार एसडीओ की पहचान संजीव कुमार श्रीवास्तव के रूप में हुई है। पीड़ित उपभोक्ता द्वारा रिश्वत मांगे जाने की शिकायत भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में दर्ज कराई गई थी। शिकायत के बाद एंटी करप्शन टीम ने पूरे मामले की गोपनीय जांच की और योजना बनाकर जाल बिछाया। जैसे ही एसडीओ ने उपभोक्ता से 10 हजार रुपये घूस के रूप में लिए, टीम ने मौके पर दबिश देकर उसे रंगे हाथों धर दबोचा।
बताया जा रहा है कि एसडीओ द्वारा उपभोक्ता के कार्य को जानबूझकर लटकाया जा रहा था और बदले में रिश्वत की मांग की गई थी। यह मामला न सिर्फ एक अधिकारी की निजी करतूत है, बल्कि जिले से लेकर उपकेंद्र स्तर तक फैली लापरवाही और भ्रष्टाचार की कार्यशैली पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।

कार्रवाई के दौरान एंटी करप्शन टीम ने रिश्वत की रकम बरामद की और आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर आरोपी एसडीओ को हिरासत में ले लिया। उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।
इस घटना के बाद बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। आम उपभोक्ताओं का कहना है कि छोटे-छोटे कामों के लिए भी रिश्वत मांगी जाती है और बिना पैसे दिए कोई काम नहीं होता। खुसरोबाग उपकेंद्र में एसडीओ की गिरफ्तारी ने विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार की परतें खोल दी हैं।
सूत्रों के मुताबिक एंटी करप्शन टीम अब यह भी जांच कर रही है कि आरोपी एसडीओ अकेले ही घूस ले रहा था या इसमें अन्य कर्मचारी और अधिकारी भी शामिल थे। यदि नेटवर्क का खुलासा होता है तो और बड़ी कार्रवाई संभव है।
इस कार्रवाई से साफ संदेश गया है कि घूसखोरी करने वाले अफसर चाहे किसी भी पद पर हों, कानून के शिकंजे से नहीं बच सकते। एंटी करप्शन की इस कार्रवाई को आम जनता ने सराहा है और उम्मीद जताई है कि इससे बिजली विभाग में सुधार आएगा और उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी।
