छिवकी स्टेशन पर तबीयत बिगड़ने के बाद हुई मौत, वीडियो में पिता की लाश पहचानते ही बेटे पर टूटा दुखों का पहाड़
ब्यूरो रिपोर्ट
Magh Mela crime प्रयागराज। – माघ मेले में संगम स्नान की आस्था एक परिवार के लिए ऐसी पीड़ा बन गई, जिसकी भरपाई संभव नहीं। मध्य प्रदेश से पत्नी के साथ प्रयागराज आए 62 वर्षीय किसान कीरत सिंह लोधी संगम में स्नान के बाद छिवकी रेलवे स्टेशन पर अपने समूह से बिछड़ गए। पहले से अस्वस्थ चल रहे वृद्ध की हालत अचानक बिगड़ गई और स्टेशन परिसर में ही उनकी मौत हो गई। जब पिता की तलाश में मध्य प्रदेश से बेटा प्रयागराज पहुंचा और पुलिस द्वारा दिखाए गए वीडियो में पिता की लाश देखी, तो वह फूट-फूट कर रो पड़ा।

मध्य प्रदेश के दमोह जिले के रंजरा गांव निवासी कीरत सिंह लोधी खेती-किसानी कर परिवार का पालन-पोषण करते थे। गांव के कुछ लोगों ने माघ मेले में संगम स्नान के लिए प्रयागराज जाने की योजना बनाई थी। इसकी जानकारी मिलते ही कीरत सिंह भी खुद को रोक नहीं सके और करीब पांच दिन पहले पत्नी रूपरानी के साथ गांव के अन्य लोगों के साथ प्रयागराज पहुंच गए।
स्नान के बाद बिगड़ी तबीयत, तेज बुखार से थे पीड़ित
परिजनों के अनुसार त्रिवेणी संगम में स्नान के बाद कीरत सिंह की तबीयत अचानक खराब हो गई। उन्हें तेज बुखार आ गया था। सोमवार को सभी लोगों को वापस मध्य प्रदेश लौटना था। छिवकी रेलवे स्टेशन पर अफरातफरी के बीच पत्नी और अन्य ग्रामीण ट्रेन में चढ़ गए, लेकिन बीमार कीरत सिंह स्टेशन पर ही छूट गए। पत्नी जब अकेले घर पहुंची, तब इस दर्दनाक घटना की जानकारी परिजनों को हुई।
पिता की तलाश में प्रयागराज पहुंचा बेटा-
घटना की जानकारी मिलते ही कीरत सिंह का बेटा नारायण सिंह लोधी पिता को खोजने के लिए आनन-फानन प्रयागराज पहुंचा। छिवकी रेलवे स्टेशन पर उसने अपनी व्यथा वहां मौजूद पुलिसकर्मी को बताई। पुलिसकर्मी ने मोबाइल पर सोमवार को स्टेशन परिसर में मृत मिले एक अज्ञात बुजुर्ग का वीडियो दिखाया।
वीडियो देखते ही टूट गया बेटा-
वीडियो देखते ही नारायण सिंह खुद को संभाल नहीं सका। वीडियो में दिखाई दे रही लाश उसके पिता की ही थी। यह देखते ही वह फफक-फफक कर रोने लगा। किसी तरह उसने हिम्मत जुटाई और घर पर सूचना दी, जिसके बाद पूरे परिवार में कोहराम मच गया।
पोस्टमार्टम के बाद सौंपा गया शव-
पुलिस ने अज्ञात शव के रूप में दर्ज मामले में पहचान होने के बाद आवश्यक कार्रवाई की। बुधवार को बुजुर्ग कीरत सिंह लोधी का पोस्टमार्टम कराया गया और शव परिजनों को सौंप दिया गया। इसके बाद परिजन शव लेकर मध्य प्रदेश के लिए रवाना हो गए।
माघ मेले की इस घटना ने एक बार फिर भीड़, अव्यवस्था और असहाय बुजुर्गों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जहां आस्था की यात्रा कब अंतिम सफर बन जाए, कोई नहीं जानता।
