Meja CHC turns into a battlefield: Children’s lives at stake, superintendent faces accusations of false statements and corruption
पोलियो व टीकाकरण की कोल्ड चेन से छेड़छाड़ का आरोप, झूठा बयान दिलवाने और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों के बीच स्वास्थ्य केंद्र का कामकाज ठप
संवाददाता आलोपी शंकर शर्मा
Prayagraj Meja CHC मेजा प्रयागराज।- मेजा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) रविवार को इलाज की जगह विरोध और आक्रोश का केंद्र बन गया। आशा बहुओं के उग्र प्रदर्शन ने पूरे अस्पताल तंत्र को ठप कर दिया। गंभीर आरोपों से घिरे सीएचसी अधीक्षक डॉ. शमीम अख्तर के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आशा बहुओं ने उनके चैंबर सहित अस्पताल के मुख्य द्वारों पर ताला जड़ दिया, जिससे मरीजों और तीमारदारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
मेजा स्वास्थ्य केंद्र पर उग्र प्रदर्शन, अधीक्षक का चैंबर ‘लॉक’-
सुबह से ही बड़ी संख्या में आशा बहुएं सीएचसी परिसर में एकत्र हो गईं। देखते ही देखते नारेबाजी तेज हो गई और माहौल तनावपूर्ण हो उठा। गुस्साई आशा बहुओं ने अधीक्षक के चैंबर पर ताला जड़ दिया और स्वास्थ्य केंद्र का कामकाज पूरी तरह बाधित कर दिया। ओपीडी, टीकाकरण और अन्य सेवाएं ठप रहीं, जिससे दूर-दराज से आए मरीज लौटने को मजबूर हो गए।
कोल्ड चेन से छेड़छाड़ का गंभीर आरोप-
आशा बहुओं का आरोप है कि हड़ताल के दौरान उनकी जानकारी और सहमति के बिना पोलियो व अन्य टीकाकरण से जुड़े वैक्सीन कैरियर (टीका बॉक्स) बाहर निकलवाए गए। उनका कहना है कि टीके कोल्ड चेन व्यवस्था के तहत तय तापमान में सुरक्षित रखे जाते हैं। यदि पर्याप्त बर्फ के बिना टीके लंबे समय तक बाहर रहे, तो उनके खराब होने की आशंका बढ़ जाती है, जो सीधे तौर पर बच्चों की सेहत और जीवन के लिए खतरा है।
“यह बच्चों की जान से खिलवाड़ है”-
प्रदर्शनकारी आशा बहुओं ने साफ शब्दों में कहा कि इस तरह की लापरवाही बच्चों की जान के साथ खिलवाड़ है। उनका कहना है कि यदि खराब या संदिग्ध वैक्सीन किसी बच्चे को लगा दी गई और उससे कोई नुकसान हुआ, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी सीएचसी अधीक्षक डॉ. शमीम अख्तर की होगी। इस मुद्दे पर आशा बहुएं किसी भी तरह का समझौता करने को तैयार नहीं दिखीं।

झूठा बयान दिलवाने का आरोप-
आशा बहुओं ने अधीक्षक पर विश्वासघात का भी आरोप लगाया। उनका कहना है कि उन्हें झूठे आश्वासन देकर तहसील परिसर तक ले जाया गया और बाद में अधीक्षक को बचाने के लिए उन पर दबाव बनाकर झूठा बयान दिलवाया गया। आशा बहुओं के अनुसार यह उनके आत्मसम्मान के साथ धोखा है और पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था की साख पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
भ्रष्टाचार और गुमराह करने के आरोप-
प्रदर्शनकारी महिलाओं का आरोप है कि मेजा सीएचसी में भ्रष्टाचार चरम पर है। कर्मचारियों और आशा बहुओं को लगातार गुमराह किया जा रहा है और मनमानी तरीके से फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब तक इन मामलों की निष्पक्ष जांच नहीं होती और जिम्मेदारों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
अधीक्षक की सफाई से नहीं मानीं आशा बहुएं-
वहीं, सीएचसी अधीक्षक डॉ. शमीम अख्तर ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि पोलियो और टीकाकरण के जो वैक्सीन बॉक्स केंद्रों पर भेजे गए थे, उन्हें वापस मंगवा लिया गया है और कुछ स्थानों पर टीकाकरण भी कराया गया है। हालांकि उनकी सफाई से आशा बहुएं संतुष्ट नहीं दिखीं और विरोध जारी रखा।
स्वास्थ्य सेवाएं ठप, माहौल तनावपूर्ण-
प्रदर्शन के चलते सीएचसी की सभी प्रमुख सेवाएं प्रभावित रहीं। समाचार लिखे जाने तक स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई थी और आशा बहुएं अपनी मांगों पर अड़ी रहीं। पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली, निगरानी व्यवस्था और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
