A grand felicitation ceremony for veterans on Vijay Diwas, Gola Gokarnanath was drenched in patriotic spirit.
1971 भारत–पाक युद्ध के वीरों को किया गया सम्मानित, देशभक्ति गीतों से गूंजा अशोक चौराहा
ब्यूरो – अंशु वर्मा
Lakhimpur Gola- गोला गोकर्णनाथ (खीरी)। विजय दिवस के पावन अवसर पर गोला गोकर्णनाथ के सदर चौराहा (अशोक चौराहा) पर अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद के तत्वावधान में एक भव्य एवं गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य 1971 के भारत–पाक युद्ध में देश की रक्षा के लिए अदम्य साहस दिखाने वाले वीर सैनिकों को सम्मानित करना और नई पीढ़ी में राष्ट्रप्रेम की भावना को और मजबूत करना रहा।
इस अवसर पर 1971 के युद्ध में भाग ले चुके गोला गोकर्णनाथ के वीर सैनिकों—पूर्व सैनिक सूबेदार कृष्ण गोपाल त्रिवेदी, विंग कमांडर वींग वींग जयचंद एवं सिपाही रामनाथ—को सम्मान पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह के उपरांत उपस्थित जनसमूह ने इन वीरों को देश का शिरोमणि बताते हुए तालियों और सलामी के साथ सम्मान व्यक्त किया।
कार्यक्रम के दौरान देशभक्ति गीतों की गूंज से पूरा माहौल राष्ट्रप्रेम से ओत-प्रोत हो गया। तिरंगे के सम्मान और वीर जवानों के शौर्य की गाथाओं ने लोगों को भावुक कर दिया। वक्ताओं ने कहा कि विजय दिवस केवल एक ऐतिहासिक दिन नहीं, बल्कि देश की अखंडता, एकता और सैनिकों के बलिदान को याद करने का प्रतीक है।
इस अवसर पर समिति के संरक्षक सेवानिवृत्त सूबेदार मेजर राजेश्वर सिंह, पूर्व सैनिक सेवा परिषद के अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार मिश्रा, उपाध्यक्ष जगदेव सिंह, महामंत्री देव प्रकाश, कोषाध्यक्ष प्रेम कुमार, कार्यालय प्रभारी गजेंद्र प्रसाद वर्मा तथा मीडिया प्रभारी निरंकार वर्मा विशेष रूप से मौजूद रहे।
कार्यक्रम में अजय भानु, मिथिलेश अवस्थी, वायुसेना से सेवानिवृत्त वीरभद्र सेन, कैप्टन अकरम खान, प्रमोद सिंह, प्रेम कुमार, राकेश यादव, श्रीराम सिंह, दिलीप कुमार, रामहरीश मिश्रा, सावित्री देवी, माया देवी, हरपाल सिंह, कुतुबुद्दीन, कैलाश गिरी, अनिल कुमार गुप्ता, सुशीला देवी, नन्ही देवी, महेश पाल, जितेंद्र कुमार मिश्रा सहित बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक एवं नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने देश की एकता और अखंडता बनाए रखने, शहीदों के सम्मान की रक्षा करने तथा राष्ट्रहित में सदैव तत्पर रहने का संकल्प लिया। विजय दिवस का यह आयोजन क्षेत्रवासियों के लिए प्रेरणा और गर्व का विषय बना।
