Tragic road accident in Prayagraj Meja: Competitive student dies, MBA student seriously injured
मेजारोड के मानस पेट्रोल पंप के पास दो बाइकों की टक्कर, परीक्षा दिलाने जा रहा था युवक
संवाददाता -आलोपी शंकर शर्मा
(Meja Prayagraj )मेजा प्रयागराज।– मेजारोड थाना क्षेत्र में सोमवार सुबह एक भीषण सड़क हादसे ने एक होनहार युवक की जिंदगी छीन ली, जबकि एमबीए की छात्रा गंभीर रूप से घायल हो गई। यह हादसा मेजारोड के समहन स्थित मानस पेट्रोल पंप के समीप हाईवे पर हुआ, जहां तेज रफ्तार और अचानक मोड़ ने एक परिवार की खुशियां उजाड़ दीं।
मिली जानकारी के अनुसार बिहार के बक्सर जनपद अंतर्गत खैरई गांव निवासी प्रिंस यादव (20) वाराणसी में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था। सोमवार सुबह वह अपनी महिला मित्र निशा पटेल (22), निवासी सोनभद्र, को बाइक पर बैठाकर नैनी स्थित राजेंद्र सिंह उर्फ रज्जू भैया विश्वविद्यालय में एमबीए प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा दिलाने जा रहा था।
जैसे ही उनकी बाइक मानस पेट्रोल पंप के सामने पहुंची, आगे चल रहे एक बाइक सवार ने अचानक पेट्रोल पंप की ओर वाहन मोड़ दिया। अचानक हुए इस मोड़ से पीछे चल रही बाइक संतुलन खो बैठी और जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि प्रिंस यादव के सिर में गंभीर चोट आई और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पीछे बैठी निशा पटेल सड़क पर गिरकर बुरी तरह घायल हो गई।
हादसे के दौरान दो अन्य बाइकें भी आपस में टकरा गईं, हालांकि उनमें सवार लोग बाल-बाल बच गए। सूचना मिलते ही मेजारोड चौकी इंचार्ज सुधीर पांडेय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने युवक के शव की शिनाख्त कर परिजनों को सूचना दी और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। गंभीर रूप से घायल छात्रा को प्राथमिक उपचार के बाद प्रयागराज के एक अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया।
घटना की सूचना मिलने के करीब पांच घंटे बाद परिजन मौके पर पहुंचे। बेटे का शव देखते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया, वहीं मौके पर मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं।
डेंजर जोन बना हाईवे, एनएचआई की लापरवाही उजागर
समहन से मनूकापूरा के बीच हाईवे का यह हिस्सा अब ‘डेंजर जोन’ के रूप में जाना जाने लगा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर आए दिन सड़क हादसे हो रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचआई) गंभीरता नहीं दिखा रहा है। न तो चेतावनी संकेत लगाए गए हैं और न ही स्पीड कंट्रोल के कोई ठोस इंतजाम किए गए हैं। तेज रफ्तार वाहनों के कारण राहगीर और दोपहिया सवार लगातार दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं।
स्थानीय नागरिकों ने कई बार एनएचआई के अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मार्ग को तत्काल दुर्घटना संभावित क्षेत्र घोषित कर जरूरी सुरक्षा इंतजाम किए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसे दर्दनाक हादसों पर रोक लग सके।
