UP Board 2026:Major action was taken in the determination of examination centers, with DMs of more than 15 districts personally overseeing the investigation.
8707 से अधिक शिकायतों के बाद केंद्र निर्धारण प्रक्रिया पर प्रशासन सख्त, 17 दिसंबर को जारी होगी संशोधित सूची
ब्यूरो रिपोर्ट
UP Board -Lucknow लखनऊ। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) की वर्ष 2026 की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं के लिए निर्धारित किए गए परीक्षा केंद्रों को लेकर प्रदेशभर से भारी संख्या में शिकायतें सामने आई हैं। ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से 7448 विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाए जाने के बाद अब तक 8707 से अधिक आपत्तियां परिषद को प्राप्त हो चुकी हैं। शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश के प्रतापगढ़, एटा, गोंडा, फिरोजाबाद, आजमगढ़ सहित 15 से अधिक जिलों के जिलाधिकारियों ने स्वयं परीक्षा केंद्र निर्धारण की जांच की कमान संभाल ली है।
सूत्रों के अनुसार कई जिलों में परीक्षा केंद्रों के चयन में मानकों की अनदेखी और अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। इसी को लेकर जिलाधिकारी प्रशासनिक टीमों को भेजकर केंद्रों का भौतिक सत्यापन करा रहे हैं, ताकि परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी तरह की गड़बड़ी न हो सके और निष्पक्षता बनी रहे।
यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने बताया कि प्राप्त सभी आपत्तियों को संबंधित जिलों के जिला विद्यालय निरीक्षकों (DIOS) को भेज दिया गया है और शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए गए हैं। सभी जिलों से रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद परीक्षा केंद्रों की संशोधित सूची 17 दिसंबर को परिषद की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कर दी जाएगी। इसके उपरांत निर्धारित प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद 30 दिसंबर को परीक्षा केंद्रों की अंतिम सूची जारी की जाएगी।
जिन विद्यालयों को परीक्षा केंद्र नहीं बनाया गया है, उनके संबंध में अंतिम निर्णय जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित जनपदीय केंद्र निर्धारण समिति द्वारा लिया जाएगा। समिति की बैठक के बाद जिला विद्यालय निरीक्षक विस्तृत कार्यवृत्त तैयार कर ऑनलाइन अनुमोदन के लिए परिषद को भेजेंगे। इसके आधार पर परीक्षा केंद्रों की अंतिम छात्र संख्या और आवंटन सूची वेबसाइट पर प्रकाशित की जाएगी।
परिषद द्वारा यह भी स्पष्ट किया गया है कि संशोधित सूची जारी होने के बाद 22 दिसंबर तक विद्यालयों, छात्रों, अभिभावकों, प्रधानाचार्यों और प्रबंधकों को पुनः आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर दिया जाएगा। इन आपत्तियों की जांच परिषदीय केंद्र निर्धारण समिति द्वारा की जाएगी, जिससे किसी भी स्तर पर पारदर्शिता बनी रहे।
गौरतलब है कि इस बार संभावित परीक्षा केंद्रों की सूची में प्रदेश के कुल 910 राजकीय, 3484 अनुदानित (एडेड) और 3054 वित्त-विहीन विद्यालयों को शामिल किया गया है। ऑनलाइन आपत्ति प्रक्रिया के तहत प्राप्त 8707 से अधिक शिकायतों ने परीक्षा केंद्र निर्धारण व्यवस्था को कटघरे में ला दिया है, जिसके चलते प्रशासन और परिषद दोनों ही सतर्क नजर आ रहे हैं।
यूपी बोर्ड का दावा है कि पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी और मानकों के अनुरूप पूरी की जाएगी, ताकि वर्ष 2026 की बोर्ड परीक्षाएं शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराई जा सकें।
