सिंगरौली। मध्य प्रदेश सरकार द्वारा उच्च शिक्षा को बेहतर बनाने के दावों के बीच जिले के प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस में भारी अव्यवस्थाओं के आरोप सामने आए हैं। छात्रों ने कॉलेज के प्राचार्य सिद्दीकी पर मनमानी और लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्रों का कहना है कि सरकार से मिलने वाले फंड के बावजूद कॉलेज में मूलभूत सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हैं। परिसर में साफ-सफाई बदहाल है, कई कक्षाओं में बिजली के बोर्ड नीचे लटके हुए हैं और तार खुले पड़े हैं, जिससे कभी भी हादसा हो सकता है। शौचालयों में गंदगी के कारण छात्राएं विशेष रूप से परेशान हैं।
डीजी सेट जंग खाया, सीसीटीवी गायब
छात्रों के अनुसार आपात स्थिति के लिए रखा गया डीजी सेट पूरी तरह अनुपयोगी हो चुका है। वहीं सुरक्षा के लिए लगाए गए सीसीटीवी कैमरे भी गायब बताए जा रहे हैं। डिजिटल क्लासरूम बनने के बावजूद उनका कोई उपयोग नहीं हो रहा और कमरे धूल से भरे पड़े हैं। कॉलेज की नई इमारत में पानी टपकने जैसी समस्याएं सामने आने से निर्माण गुणवत्ता पर संदेह जताया जा रहा है। साथ ही मुख्य गेट निर्माण में करीब 10 लाख रुपये खर्च दिखाए जाने को लेकर भी भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए हैं। छात्रों का दावा है कि कम राशि में यह कार्य संभव था।
छात्र संगठन ने सौंपा ज्ञापन
इन सभी समस्याओं को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है। प्रमुख मांगों में शामिल हैं नियमित सफाई व्यवस्था, गर्ल्स टॉयलेट में सेनेटरी नैपकिन वेंडिंग मशीन, बस सुविधा में वृद्धि, बाउंड्री वॉल निर्माण, लाइब्रेरी में नई किताबें, कैंटीन संचालन, सीसीटीवी कैमरे पुनः लगाना, शुद्ध पेयजल व्यवस्था, APS सेंटर की स्थापना, विद्यार्थी परिषद ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो तालाबंदी कर उग्र आंदोलन किया जाएगा।
प्राचार्य ने नहीं दिया जवाब
जब पत्रकारों ने आरोपों पर प्राचार्य सिद्दीकी से प्रतिक्रिया लेने की कोशिश की तो उन्होंने कथित तौर पर लंबे समय तक इंतजार कराया और बिना कोई बयान दिए चैंबर छोड़कर चले गए, जिससे छात्रों की नाराजगी और बढ़ गई। फिलहाल, इन आरोपों ने कॉलेज प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि शासन-प्रशासन इस मामले में क्या ठोस कार्रवाई करता है।
