जयंत में ‘कमंडल’ का गुंडा-राज: FIR के बाद अब ₹300-₹500 की खुली ‘लूट’!
सिंगरौली (जयंत)। जयंत क्षेत्र में कानून और नैतिकता का जनाज़ा निकल चुका है। एक तरफ पुलिस फाइलों में ‘गुंडों’ पर FIR दर्ज है, तो दूसरी तरफ वही गुंडे ‘कमंडल’ का बिल्ला लगाकर सरेराह बड़ी गाड़ियों से ₹300 से ₹500 की अवैध वसूली कर रहे हैं। सूत्रों का दावा है कि यह वसूली किसी गुफा में नहीं, बल्कि जयंत की मुख्य सड़कों पर सत्ता की धौंस दिखाकर की जा रही है।
सत्ता की आड़ में ‘जजिया कर’?
जयंत में चलने वाली हर बड़ी गाड़ी अब इन ‘कमंडल के गुर्गों’ को ‘टैक्स’ देने पर मजबूर है। आखिर ये गुंडे किसके दम पर सरेराह लूट मचा रहे हैं? चर्चा जोरों पर है कि ये वसूलीबाज जिले की एक ‘अदृश्य नेत्री’ के “खास मुलाजिम” हैं। क्या इस अवैध उगाही का हिस्सा ‘ऊपर’ तक जा रहा है, इसीलिए पुलिस और प्रशासन ने अपनी आँखें मूंद ली हैं?
जिला अध्यक्ष पर सीधा प्रहार: “घर नहीं संभल रहा, जिला क्या खाक संभालेंगे?”
सबसे बड़ा सवाल भाजपा जिला अध्यक्ष की साख पर है। संगठन के भीतर चल रहे इस ‘वसूली कांड’ ने अध्यक्ष महोदय की पोल खोल दी है। जिले के गलियारों में अब लोग खुलकर पूछ रहे हैं कि:
“जो अध्यक्ष अपने ही ‘कमंडल’ के चंद गुंडों को काबू नहीं कर पा रहे, वे पूरे जिले की जिम्मेदारी कैसे निभाएंगे? क्या उनकी चुप्पी को इन अपराधियों के लिए ‘मौन स्वीकृति’ माना जाए?”
संगठन की साख दांव पर
अनुशासन की दुहाई देने वाला संगठन आज इन वसूलीबाजों के चलते बदनाम हो रहा है। यदि जिला अध्यक्ष में रत्ती भर भी नैतिकता बची है, तो उन्हें तुरंत इन ‘अदृश्य नेत्री’ के खास गुर्गों को बाहर का रास्ता दिखाना चाहिए। वरना जनता समझ जाएगी कि सिंगरौली में ‘विकास’ नहीं, केवल ‘वसूली’ का राज चल रहा है।
