शक्तिनगर/सोनभद्र। सिंगरौली।
Northern Coalfields Limited (NCL) की कृष्णशीला खदान में गुरुवार देर रात हुआ हादसा खदान सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर गया। तकनीकी खराबी से खड़ा किया गया टैंकर ढलान पर लुढ़का और चालक भाई लाल पाण्डेय (46) को कुचलता हुआ निकल गया। हादसा इतना भीषण था कि उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
मृतक ग्राम लोझरा, थाना अनपरा (जनपद सोनभद्र) के निवासी बताए जा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक वोल्वो टैंकर (UP 64 AT 6813) में खराबी आने पर उसे सड़क किनारे खड़ा किया गया था, लेकिन पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं होने के कारण वाहन अचानक ढलान पर सरक गया और चालक उसकी चपेट में आ गए।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए जांच शुरू कर दी है, मगर घटना ने खदान प्रबंधन की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है।
मुआवजा मिला, पर जवाबदेही कहाँ?
हादसे के बाद कोलफील्ड लेबर यूनियन, सिंगरौली (सीटू) के दबाव में प्रबंधन ने परिजनों को ₹25 लाख की आर्थिक सहायता और ₹1.5 लाख अंतिम संस्कार हेतु प्रदान किए। आर्थिक मदद राहत जरूर है, लेकिन इससे कई असहज सवाल उठ खड़े हुए हैं।
ढलान पर वाहन पार्किंग के पुख्ता नियम क्यों नहीं लागू थे?
खराब वाहन को सुरक्षित करने की मानक प्रक्रिया का पालन हुआ या नहीं?
खदान क्षेत्र में नियमित तकनीकी जांच और आपात सुरक्षा व्यवस्था कितनी प्रभावी है?
आखिर हर हादसे के बाद मुआवजा ही क्यों ‘समाधान’ बन जाता है?
एक परिवार उजड़ा, सिस्टम फिर कटघरे में
इस दर्दनाक हादसे ने एक परिवार से उसका सहारा छीन लिया। खदानों में काम करने वाले श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर बार-बार उठते सवालों के बावजूद हालात में ठोस सुधार न होना चिंताजनक है।
यदि समय रहते सख्त सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू नहीं किए गए, तो ऐसे हादसे फिर दोहराए जा सकते हैं।
श्रद्धांजलि: दिवंगत भाई लाल पाण्डेय को विनम्र श्रद्धांजलि।
मांग: खदान क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों की स्वतंत्र जांच और जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
