आईजी की साख को खुली चुनौती! बरगवां का ‘कोयला चोर’ बब्बू खान बना नया सिंडिकेट किंग, ‘खान साहब’ के वरदहस्त से फल-फूल रहा काला साम्राज्य
सिंगरौली (बरगवां)। ऊर्जा नगरी में कानून का खौफ खत्म हो चुका है और माफिया राज की जड़ें इतनी गहरी हो गई हैं कि अब एक मामूली कोयला चोर पुलिस महानिरीक्षक (IG) के इकबाल को सीधे चुनौती दे रहा है। बरगवां क्षेत्र में बब्बू खान नामक माफिया का आतंक और अवैध कोयला कारोबार इस कदर हावी है कि प्रशासन मूकदर्शक बना तमाशा देख रहा है।
‘कसर’ बना अवैध कोयले का काला जंक्शन
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, बरगवां का ‘कसर’ इलाका अब अवैध कोयले की डंपिंग का सबसे सुरक्षित किला बन चुका है। बब्बू खान यहाँ चोरी का कोयला इकट्ठा करता है और फिर शुरू होता है ‘एंट्री’ का असली खेल।
डायरेक्ट एंट्री: चर्चा है कि बब्बू खान की सीधी पहुँच तथाकथित ‘खान साहब’ तक है।
आशीर्वाद का खेल: ‘खान साहब’ के इशारे और आशीर्वाद के बिना कसर से एक ट्रक भी बाहर नहीं निकलता। यह सिंडिकेट इतना मजबूत है कि करोड़ों का काला कोयला ट्रकों में लोड होकर सड़कों पर सीना तानकर निकलता है।
थाना प्रभारी का ‘खासमखास’ होने का दावा!
सबसे शर्मनाक और गंभीर पहलू यह है कि बब्बू खान पूरे क्षेत्र में खुद को बरगवां थाना प्रभारी का ‘खासमखास’ बताकर धौंस जमाता है। वह खुलेआम कहता है कि पुलिस उसकी जेब में है और कानून उसका कुछ नहीं बिगाड़ सकता।
सवाल यह है: क्या बरगवां पुलिस वाकई इस माफिया के साथ हमबिस्तर है? या फिर बब्बू खान पुलिस की छवि धूमिल कर अपना उल्लू सीधा कर रहा है? अगर पुलिस पाक-साफ है, तो अब तक इस ‘कोयला चोर’ की जगह जेल की सलाखों के पीछे क्यों नहीं हुई?
आईजी साहब, आपके सिस्टम में सेंध लग चुकी है!
एक तरफ पुलिस महानिरीक्षक (IG) क्षेत्र में कानून व्यवस्था और जीरो टॉलरेंस की बात करते हैं, वहीं दूसरी तरफ बब्बू खान जैसे प्यादे उनके दावों की धज्जियाँ उड़ा रहे हैं। जब माफिया खुद को पुलिस का संरक्षण प्राप्त बताए, तो आम जनता न्याय की उम्मीद किससे करे?
सत्ता और खाकी का घातक गठजोड़?
‘खान साहब’ की सरपरस्ती और बब्बू खान की दबंगई इस बात का स्पष्ट संकेत है कि सिंगरौली में कोयले की लूट एक सुनियोजित ‘सिंडिकेट’ के तहत हो रही है। इसमें सफेदपोशों से लेकर वर्दीधारियों तक की मिलीभगत की बू आ रही है।
प्रशासन के लिए सुलगते सवाल:
‘कसर’ में इकट्ठा हो रहे अवैध कोयले पर अब तक छापेमारी क्यों नहीं हुई?
बब्बू खान और ‘खान साहब’ के बीच के आर्थिक लेन-देन की जांच कब होगी?
क्या पुलिस अधीक्षक और आईजी इस ‘खासमखास’ वाले दावे की सच्चाई उजागर करेंगे?
